सूरज, सन्मार्ग संवाददाता
आसनसोल: दुर्गा पूजा में जहां एक ओर मां दुर्गा असुर शक्ति का विनाश करती हैं, वहीं दूसरी ओर आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट (ADPC) ने साइबर अपराध रूपी 'डिजिटल असुर' के खात्मे के लिए कमर कस ली है। ADPC ने "इस पूजा डिजिटल असुर को पराजित करें" थीम के तहत कमिश्नरेट के सभी थानों के अंतर्गत कुल 25 विशेष साइबर जागरूकता बूथ स्थापित किए हैं। ये बूथ प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में लगाए गए हैं, जहां पुलिसकर्मी पंडाल घूमने आए लोगों को साइबर ठगी से बचने के टिप्स दे रहे हैं। पुलिस आयुक्त डॉक्टर प्रणव कुमार ने बताया कि दुर्गा पूजा के दौरान लोग उत्साह में रहते हैं और ऑनलाइन शॉपिंग, होटल-टिकट बुकिंग और चंदा देने के नाम पर ठगों के जाल में फंस जाते हैं। इस बार ठगों को मौका न देने के लिए यह पहल की गई है। बूथों पर नागरिकों को मुख्य रूप से चार तरह के साइबर फ्रॉड के बारे में बताया जा रहा है - डिजिटल अरेस्ट के नाम पर वीडियो कॉल पर धमकाना, अधिक मुनाफे वाले निवेश का झांसा, पंडाल टूर और होटल की फर्जी बुकिंग और OTP व फर्जी लिंक भेजकर खाता खाली करना। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, अपना OTP किसी से शेयर न करें और खुद को अधिकारी बताकर डराने वालों से न डरें। यदि आप साइबर ठगी का शिकार होते हैं तो तुरंत 1930 पर कॉल करें www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। ADPC की इस पहल की शहर के लोगों ने जमकर सराहना की है। लोगों का कहना है कि मां के आशीर्वाद के साथ-साथ पुलिस का यह डिजिटल सुरक्षा कवच भी इस पूजा को सच में सुरक्षित बनाएगा।