आसनसोल : आसनसोल क्लब लिमिटेड परिसर बुधवार देर रात रणक्षेत्र में बदल गया, जब क्लब के भीतर दो गुटों के बीच जमकर मारपीट हुई। गौरतलब है कि मारपीट से न केवल स्थिति तनावपूर्ण हो गई, बल्कि मौजूद लोगों में दहशत का माहौल बन गया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार घटना की शुरुआत तब हुई जब क्लब के पूर्व अध्यक्ष सोमनाथ विश्वाल जो कथित तौर पर नशे में धुत थे, उन्होंने एक वरिष्ठ पदाधिकारी के साथ बदसलूकी और मारपीट शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि क्लब परिसर 'रणक्षेत्र' बन गया। इस संबंध में क्लब के अध्यक्ष अमरजीत सिंह भरारा ने कहा कि पूर्व अध्यक्ष ने शराब के नशे में घुत होकर क्लब में हंगामा किया एवं क्लब के दो पदाधिकारियों पर हमला भी किया। उन्होंने कहा कि क्लब परिसर में पूर्व अध्यक्ष सोमनाथ विश्वाल की हर हरकत का उनके पास पूरा सबूत है। एक पूर्व अध्यक्ष होकर क्लब की मर्यादा के साथ खिलवाड़ करना कहीं से भी उनके लिये उचित नहीं था।
आरोप है कि बचाव करने पहुंचे लोगों पर हुआ हमला
वहीं हंगामा शांत कराने के लिए जब एक युवा पदाधिकारी आगे आए, तो पूर्व अध्यक्ष ने उन्हें भी नहीं बख्शा और उनके साथ भी मारपीट की। इसके बाद क्लब के एक शीर्ष पदाधिकारी के पुत्र को भी इस हिंसा का निशाना बनाया गया। आरोप है कि क्लब के सदस्यों ने पूर्व अध्यक्ष के व्यवहार से आक्रोशित होकर उनकी भी जमकर पिटाई कर दी। वहीं सूचना पाकर आसनसोल क्लब लिमिटेड के अध्यक्ष अमरजीत सिंह भरारा ने आकर लोगों को शांत करवाया और सोमनाथ विश्वाल को कार में बैठाकर रवाना किया। मौजूद सदस्यों का कहना है कि इस घटना से संस्था की छवि धूमिल हुई है। फिलहाल क्लब प्रबंधन इस मामले पर कड़ी कार्रवाई करने पर विचार कर रहा है।
पूर्व अध्यक्ष ने लगाया गंभीर आरोप
आसनसोल क्लब लिमिटेड के पूर्व अध्यक्ष सोमनाथ विश्वाल ने कहा कि क्लब के कुछ लोग नहीं चाहते हैं कि वे क्लब में जायें। इस कारण उन पर हमला किया गया एवं उन्हें पीटा गया। साथ ही कहा कि उनके BMW कार पर हमला कर कांच को तोड़ दिया गया, जिसमें करीब 7 लाख का नुकसान हुआ है। आगे कहा कि इस मामले को लेकर वे कानून का दरवाजा खटखटाएंगे। सोमनाथ विश्वाल ने कहा कि वे अदालत के आदेश पर क्लब में गये थे पर उन पर पहले से ही हमला करने की योजना बनायी गयी थी। उन्हें क्लब में आने से रोकने के लिए किये गये साजिश के कारण उसके सदस्यों में भय व्याप्त हो गया है। वे अदालत को बतायेंगे कि उनके साथ क्या-क्या हुआ है। बता दें कि क्लब का मामला फिलहाल एनसीएलटी में विचाराधीन है।