दुर्गापुर : पश्चिम बर्दवान जिला अंतर्गत बालू कारोबार शुरू होने की चर्चा जोर-शोर से हो रही है। वहीं दूसरी तरफ अवैध बालू कारोबार शुरू होने की चर्चा से प्रशासन के कान खड़े हो गए हैं। इस दौरान प्रशासन की ओर से अवैध बालू कारोबार के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है। अवैध बालू कारोबार के कारण सरकार को राजस्व का भारी नुकसान होता है।
बालू तस्करी के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई
कांकसा के बनकाटी ग्राम पंचायत क्षेत्र से गुजरने वाली अजय नदी से पिछले कुछ महीनों से ट्रैक्टरों के माध्यम से अवैध बालू तस्करी की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। यह मामला उजागर होते ही प्रशासन हरकत में आ गया। इलाके में अवैध बालू उत्खनन के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार बनकाटी ग्राम पंचायत के गौरांगपुर, निमटिकुड़ी और बसुधा इलाकों में दिनदहाड़े और कभी रात के अंधेरे में अवैध रूप से नदी से बालू निकाला जा रहा था। इसके बाद बालू को ट्रैक्टरों के जरिए 11 माइल होते हुए विभिन्न स्थानों पर भेजा जा रहा था। अवैध बालू उत्खनन के खिलाफ स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, अनुमंडल प्रशासन और ब्लॉक प्रशासन से लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। इन्हीं शिकायतों के आधार पर भूमि एवं भूमि राजस्व विभाग ने गुरुवार दोपहर बसुधा इलाके में अजय नदी के पास पुलिस अधिकारियों के साथ संयुक्त अभियान चलाया। अभियान के दौरान एक बालू लदे ट्रैक्टर पर जुर्माना भी लगाया गया। भूमि एवं भूमि राजस्व विभाग की प्रभारी अधिकारी मंजु कांजी लाल ने कहा कि हमारे पास बार-बार शिकायतें आ रही थीं, जिसके आधार पर अभियान चलाया गया। उस समय मौके पर बालू खनन नहीं हो रहा था। बालू बीरभूम की ओर से निकाला जा रहा है। हालांकि सड़क से जा रहे एक बालू लदे ट्रैक्टर पर जुर्माना लगाया गया है। अवैध बालू उत्खनन पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। अवैध तरीके से बालू उत्खनन और तस्करी की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की कार्रवाई से अवैध बालू कारोबार को फिलहाल बंद रखा गया है।