विनोद, सन्मार्ग संवाददाता
रानीगंज :- भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) से संबद्ध अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ की 114वीं कार्य समिति की दो दिवसीय बैठक का बुधवार को समापन हो गया। यह बैठक मंगलवार से रानीगंज के पंजाबी मोड़ स्थित मिडवे मैरिज हॉल में शुरू हुई थी, जिसका आयोजन खान श्रमिक कांग्रेस और संथाल परगना कोलियरी कर्मचारी संघ के सौजन्य से किया गया था।
बैठक में देश के 9 राज्यों से 93 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान बीएमएस के राष्ट्रीय महासचिव सुजीत कुमार सिंह, अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ के उद्योग प्रभारी के लक्ष्मण रेड्डी, बीएमएस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य जयनाथ चौबे, प्रदेश अध्यक्ष उज्ज्वल मुखर्जी और कोल उद्योग प्रभारी सुधीर घोरडे समेत कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। अंतिम दिन पांडेश्वर के भाजपा विधायक जितेंद्र तिवारी भी बैठक में शामिल हुए और उन्होंने सभा को संबोधित किया।
बीएमएस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य जयनाथ चौबे ने बताया कि दो दिवसीय बैठक में कोयला उद्योग से जुड़े कई अहम मुद्दों पर गहन मंथन हुआ। उन्होंने कहा कि कोयला उद्योग के कर्मचारियों के वेतन समझौता-12 को यथाशीघ्र लागू कराने और कोल इंडिया में कार्यरत ठेका श्रमिकों के बोनस की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए बीएमएस ने रणनीति तैयार की है। बैठक में सबसे महत्वपूर्ण विषय खदानों की सुरक्षा रहा। उन्होंने ईसीएल के सिदुली और परसिया समेत अन्य कोलियरियों में हाल में हुई दुर्घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कार्रवाई जरूरी है और इसके लिए प्रबंधन तथा डीजीएमएस पर दबाव बनाया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले छह महीनों के कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई।