आसनसोल

फ्रेट कॉरिडोर निर्माण में आ रही बाधाओं से निपटने को लेकर प्रशासनिक बैठक

राज्य में डबल इंजन की सरकार गठन के बाद रेलवे को अतिरिक्त ताकत मिल रही है

आसनसोल : रेलवे की ओर से बनाये जा रहे फ्रेट कॉरिडोर निर्माण के लिए बीते कई सालों से विभिन्न बाधाओं से रेलवे को जूझना पड़ रहा है। अब राज्य में डबल इंजन की सरकार गठन के बाद रेलवे को अतिरिक्त ताकत मिल रही है। यही कारण है कि अब रेलवे जल्द से जल्द निर्माण कार्य में आ रही विभिन्न बाधाओं से निपटने और फ्रेट कॉरिडोर निर्माण को तेज करने की तैयारी में लग गया है। इसी विषय पर बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय के सभागार में जिलाधिकारी एस पोन्नमबलम, पुलिस आयुक्त डॉ. प्रणव कुमार और आसनसोल उत्तर के विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी की उपस्थिति में रेलवे अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की गई। इस बैठक में भूमि (लैंड) विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। इस संबंध में विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी ने कहा कि रेलवे विकास करना चाहती है, जिसमें पिछली तृणमूल सरकार द्वारा मदद नहीं की गई थी। फ्रेट कॉरिडोर का निर्माण होने से रेलवे द्वारा सीधे दवा, दूध और खाद्य पदार्थों आदि जल्द खराब होने वाली सामग्रियों को गंतव्य स्थान पर जल्द से जल्द पहुंचाया जा सकेगा। कई जगहों पर फ्रेट कॉरिडोर निर्माण के लिए लोग जगह खाली नहीं कर रहे हैं, जिस कारण कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा है। बैठक में फ्रेट कॉरिडोर निर्माण में आ रही बाधाओं से कैसे निपटा जाए, इसी मुद्दे पर विस्तार से चर्चा कर उचित व कठोर निर्णय लेने पर विचार किया गया। उन्होंने कहा कि आसनसोल के रेलपार क्षेत्र के डिपो पाड़ा केएस रोड स्थित दुकानदारों ने फ्रेट कॉरिडोर के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 'रेलपार ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन' की ओर से लगातार बीते करीब 3-4 सालों से आंदोलन कर रहे हैं और उनका धरना प्रदर्शन अब भी जारी है। सनद रहे कि रेलवे की ओर से मकान मालिकों को उचित मुआवजा दे दिया गया है, लेकिन किराये पर दुकान चला रहे लोगों का कहना है कि उन्हें भी मुआवजा और पुनर्वास की व्यवस्था मिलनी चाहिए। वे लोग रेलवे के विकास में बाधक नहीं बनना चाहते हैं। अब जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त और विधायक पर रेलवे के अधिकारियों का ध्यान केंद्रित है कि जल्द से जल्द फ्रेट कॉरिडोर निर्माण का रास्ता साफ होना चाहिए। उनकी इस पहल पर रेलवे की निगाहें टिकी हुई हैं।

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