आसनसोल : आसनसोल के बस्तिन बाजार स्थित श्रीश्री दुर्गा माता चेरिटेबल ट्रस्ट मंदिर में 15 साल से बंद नित्य पूजा मंगलवार सुबह प्रारंभ हो गयी। मंदिर के मुख्य दरवाजे के खुलने से लोगों में खुशी की लहर है। वहीं 9 मई को भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण से पहले तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए मंदिर अब प्रशासनिक निगरानी में है। बुधवार सुबह से मंदिर के पास प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को अपने नियंत्रण में लेकर व्यापक संख्या में पुलिस व केंद्रीय बल को तैनात कर दिया है। अब दुर्गा मंदिर प्रशासनिक निगरानी में है और विधिवत पूजा-पाठ जारी रखने की आधिकारिक अनुमति दे दी गई है।
प्रशासन ने बनाये नियम
बस्तिन बाजार इलाके में स्थिति को शांतिपूर्ण बनाये रखने एवं भीड़ को नियंत्रण करने के लिए प्रशासन ने नियम बनाये हैं। दर्शन का समय सुनिश्चित किया गया है , जिसमें प्रत्येक दिन सुबह 9 बजे से 10:30 बजे तक एवं शाम में 4 :30 से 7 बजे तक श्रद्धालु मंदिर में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना एवं दर्शन कर सकते हैं। बस्तिन बाजार इलाका में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्रीय बल और पुलिस की तैनाती की गई हैं। प्रशासन ने घोषणा की है कि किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए अनावश्यक भीड़ जुटाने की अनुमति नहीं दी जाएगी और प्रशासन ने साफ-साफ कह दिया है कि दर्शन करें पर भीड़ न लगाएं।
प्रशासन ने की शांति की अपील
प्रशासन ने कहा है कि अनुशासित और कानूनी तरीके से पूजा करने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा। नागरिकों से अनुरोध है कि प्रशासन का सहयोग करें और क्षेत्र में शांति बनाए रखें। दर्शन के लिए एक-एक कर आएं, भीड़ न लगायें। सोशल मीडिया पर मंदिर को लेकर कोई गलत अफवाह न फैलाएं और चेकिंग में पुलिस-केंद्रीय बल का सहयोग करें। साथ में पहचान पत्र भी रखें।
अफवाह फैलने से प्रशासन की बढ़ी परेशानी
बुधवार सुबह अचानक कुछ लोगों ने अफवाह फैला दिया कि एक विशेष समुदाय के लोगों ने यहां पूजा फिर से बंद करवा दिया है। इस अफवाह के फैलते ही लोग वहां फिर इकट्ठा होने लगे। हालांकि वहां पहुंचने के बाद लोगों को जब सच्चाई पता लगा तो लोग स्वत: लौट गये। हालांकि इस अफवाह की भनक लगते ही वहां तैनात जवानों व अधिकारी और सतर्क हो गये। साथ ही मंदिर के अलावा आस-पास के इलाकों में भी लोगों की भीड़ को इकट्ठा होने से रोकने लगे। प्रशासनिक तैयारी देख कर स्थानीय लोगों ने प्रशासन की सराहना की है।