कार्यक्रम मंच पर उपस्थित मंत्री व अन्य  
आसनसोल

दमोदरपुर में पारंपरिक आदिवासी छाता मेले का आयोजन

शिक्षा मंत्री खुदीराम टुडू ने आदिवासी छात्रों के लिए छह नए छात्रावास बनाने की घोषणा

Gopal Kumar Singh

धनंजय, सन्मार्ग संवाददाता

जामुड़िया : आसनसोल नगर निगम के जामुड़िया बोरो-1 अंतर्गत वार्ड संख्या सात के दमोदरपुर फुटबॉल मैदान में शनिवार को वर्षों पुरानी सांस्कृतिक परंपरा को जीवंत रखते हुए एक दिवसीय आदिवासी छाता मेले का आयोजन किया गया। जामुड़िया-चाकदोला मुख्य सड़क के किनारे आयोजित मेले का उद्घाटन पश्चिम बंगाल सरकार के जनजातीय विकास, पिछड़ा वर्ग कल्याण, अल्पसंख्यक मामले एवं मदरसा शिक्षा मंत्री खुदीराम टुडू ने किया। मेले को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल रहा। दूर-दराज के इलाकों से आदिवासी समुदाय के लोग पारंपरिक वेशभूषा और रंग-बिरंगे छातों के साथ पहुंचे। मेले में आदिवासी लोकगीत, लोकनृत्य तथा पारंपरिक खान-पान ने लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। आयोजकों ने बताया कि छाता मेला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की एकता, भाईचारे और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। यह आयोजन नई पीढ़ी को अपनी परंपरा और संस्कृति से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अपने संबोधन में मंत्री खुदीराम टुडू ने कहा कि राज्य सरकार आदिवासी भाषा, संस्कृति और परंपरा के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए लंबे समय से संघर्ष किया गया है। सरकार आदिवासी बच्चों के लिए शिक्षा और आवासन की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है। मंत्री ने घोषणा की कि आसनसोल लोकसभा क्षेत्र में आदिवासी छात्र-छात्राओं के लिए छह नए छात्रावास बनाने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि इन छात्रावासों के निर्माण से दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को शिक्षा प्राप्त करने में सुविधा मिलेगी। उद्घाटन समारोह में जिला परिषद के सभापति देवतनु भट्टाचार्य, बाराबनी विधायक अरजीत राय, सुशील टुडू, सुजीत सिन्हा हांसदा, जिला उपाध्यक्ष संतोष सिंह, प्रमोद पाठक, काकोली घोष, अपूर्व हाजरा, तालाबाबू माड़ी, लबी हासदा, संजय सिंह, पिनाकी राय, राहुल बाउरी, दीप बनर्जी, बृजमोहन पासवान सहित छाता मेला कमेटी के सदस्य उपस्थित थे ।

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