बर्दवान : चोरी करने के बाद चोरों का गिरोह फ्रिज में रखा खाना खा जाता था और शराब पीता था! अपनी लोकेशन और पहचान छिपाने के लिए वे खानाबदोशों (बंजारे) की तरह जिंदगी जीते थे। इनमें से कोई भी मोबाइल फोन तक का इस्तेमाल नहीं करता था। यहां तक कि वे ट्रेन के रास्ते आकर चोरी करते थे और वारदात को अंजाम देकर ट्रेन से ही बिहार लौट जाते थे। पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई है।
बर्दवान के उल्लास उपनगरी इलाके में लगातार पांच मकानों में हुई चोरी की घटना की गुत्थी को बर्दवान थाना पुलिस ने सुलझा लिया है। इस मामले में बिहार के भागलपुर जिले से पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। रविवार को अभियुक्तों को बर्दवान अदालत में पेश किया गया और उसी दिन दोपहर बाद पुलिस ने उनसे घटना का री-कंस्ट्रक्शन (पुनर्निर्माण) भी करवाया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार दीपक कुमार, मीत आदिवासी, सुरेंदर पवार और विकास कारे बिहार के भागलपुर जिले के हनुमान चौक थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। अभियुक्तों के खिलाफ पहले से भी कई मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। गौरतलब है कि बीते 15 सितंबर की देर रात उल्लास उपनगरी की लेन नंबर 3 और 4 के लगातार पांच घरों में चोरी की वारदात हुई थी। अभियुक्तों ने ज्यादातर उन मकानों को निशाना बनाया जहां लोग मौजूद नहीं थे। वे ताला तोड़कर, दरवाजे और खिड़की की ग्रिल काटकर घरों में दाखिल हुए और गहने, नकदी व कीमती सामान चुराकर फरार हो गए। मामले की जांच में जुटी बर्दवान थाना पुलिस ने घटना के चार दिनों के भीतर बदमाशों की पहचान कर उन्हें बिहार के भागलपुर जिले से गिरफ्तार कर लिया।