आसनसोल : आसनसोल चेंबर ऑफ कॉमर्स (एसीसी) ने आसनसोल नगर निगम के 41 नंबर वार्ड के पार्षद पर भ्रष्टाचार और अनियमितता के आरोप लगाए हैं। आसनसोल चेंबर ऑफ कॉमर्स के सचिव शंभूनाथ झा ने नगर निगम के कमिश्नर को एक शिकायत पत्र दिया है। पत्र के माध्यम से सूचित किया कि बहुत ही मेहनत कर आसनसोल नगर निगम के लिए शिविर लगाकर आसनसोल की जनता से टैक्स वसूला जाता है और यह जनता की मेहनत की कमाई है। ऐसे में उस पैसे की लूट किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एसीसी ने आरोप लगाया है कि वार्ड पार्षद खुद को ईमानदार बताते हैं, लेकिन उनकी पत्नी के नाम पर नगर निगम का टेंडर लिया गया, जो भ्रष्टाचार को दर्शाता है। आरोप लगाया गया है कि पिछले पांच वर्षों के दौरान 41 नंबर वार्ड में बड़े पैमाने पर उगाही और अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने वार्ड में बने सभी रिहायशी फ्लैटों की जांच की मांग की। साथ ही यह भी कहा कि फ्लैटों में पानी के लिए किए गए वाटर बोरिंग का शुल्क जमा हुआ है या नहीं, इसकी भी जांच जरूरी है। इसलिए अनुरोध है कि जब तक जांच नहीं होती है, तब तक 41 नंबर वार्ड का कोई भी पेमेंट नहीं किया जाये। पत्नी के नाम काम लेना भ्रष्टाचार को उजागर करता है, इसलिए इसका तो पेमेट किसी भी हाल में नहीं होना चाहिए।
पार्षद ने कहा हो जांच
पार्षद रणवीर सिंह भरारा उर्फ जीतू सिंह ने कहा कि बोलने वाला कुछ भी बोल सकता है और आरोप लगा सकता है। उन्होंने कहा कि उनके वार्ड में जितने काम हुए हैं, उतना किसी भी वार्ड में नहीं हुआ है। वार्ड के लोग जानते हैं कि कितना काम हुआ है, बड़ा नाला बनाया गया और कई तरह के कार्य हुए है। साथ ही उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी का 30 साल का बिजनेस है और एनआईटी के तहत कोई भी यह कार्य करने का अधिकार रखता है।