आसनसोल

'अभिषेक' को जंगल में छोड़ देना चाहिए : मंत्री अग्निमित्रा पॉल

ममता बनर्जी के बयान पर कसा तंज

Suraj Choudhary

आसनसोल/बर्नपुर : पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा अभिषेक बनर्जी को एक लाइव संबोधन में 'बाध' की तरह कहे जाने पर अब राजनीति शुरू हो गयी। राज्य के शहरी विकास व नगर पालिका मामले की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने बर्नपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में अभिषेक "बाघ की तरह लड़ रहे हैं" पर जमकर कटाक्ष किया है। उन्होंने कटाक्ष करते हुये कहा कि पब्लिक सेफ्टी के लिए इन टाइगरों को पिंजरे में रखना चाहिए या जंगल भेज देना चाहिए। गौरतलब है कि तृणमूल कांग्रेस नेत्री और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पार्टी में आंतरिक विद्रोह के बीच अपने भतीजे व सांसद अभिषेक बनर्जी का बचाव करते हुए यह एक टिप्पणी की थी। ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर एक लाइव संबोधन के दौरान कहा था कि अभिषेक "बाघ की तरह लड़ रहे हैं"। ममता ने बागी नेताओं पर आरोप लगाया कि वे अभिषेक को एक बहाना बना रहे हैं, जो नेता पार्टी छोड़ रहे हैं, वे ऐसा केंद्रीय एजेंसियों जैसे ईडी और सीबीआई के डर से अपनी पीठ बचाने के लिए कर रहे हैं। उन्होंने कहा था कि अभिषेक के परिवार को भी समन भेजे गए थे, लेकिन वे मैदान से भागे नहीं और एक 'टाइगर' की तरह लड़ते रहे। इसी पर पत्रकारों द्वारा पूछे गये सवालों पर मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि उन्होंने तृणमूल की तुलना जंगल से की है। उन्होंने कहा कि जंगल की तरह, तृणमूल में भी 'टाइगरों के बीच लड़ाई' होती है। पब्लिक सेफ्टी के लिए इन टाइगरों को पिंजरे में रखना चाहिए या जंगल में भेज देना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि अभिषेक को जंगल में छोड़ देना चाहिए। बीरभूम के लीडर अनुब्रत मंडल और कमरहाटी विधायक मदन मित्रा ने ममता की पार्टी छोड़कर ऋतब्रत गुट से हाथ मिला लिया है। वहीं अनुब्रत ने कालीघाट तृणमूल गुट छोड़ने के बाद आरोप लगाया है कि अभिषेक की वजह से उन्हें जेल जाना पड़ा। अग्निमित्रा ने आरोप लगाया कि पिछले 15 सालों से ये अन्य बाघ लोगों को नुकसान पहुंचा रहे हैं और समाज को खा रहे हैं, सभ्य समाज में ऐसे व्यवहार के लिए कोई जगह नहीं है।

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