सन्मार्ग संवाददाता
दुर्गापुर : प्रेम विवाह के बाद धर्म परिवर्तन, लेकिन फिर शादीशुदा जिंदगी में खटास आ गई। आरोप है कि पति के छोड़ जाने के बाद तंगहाली के दौर में वह अकेले ही संघर्ष कर अपना जीवन बिता रही थीं। ऐसी स्थिति में दुर्गापुर की पुष्पा बाउरी ने वापस हिंदू धर्म में लौटने की इच्छा जताई। हालांकि, आर्थिक तंगी के कारण वह अपनी इस इच्छा को पूरा नहीं कर पा रही थीं। आखिरकार ''हिंदू सुरक्षा समिति'' उनके समर्थन में आगे आई। महालया के अवसर पर दुर्गापुर के चंडीदास इलाके में श्री रामचंद्र जी के समक्ष यज्ञ का आयोजन कर पुष्पा की पुनः हिंदू धर्म में वापसी कराई गई। दुर्गापुर के न्यू टाउनशिप थाना क्षेत्र के एमएएमसी (MAMC) इलाके की निवासी पुष्पा बाउरी ने प्यार में पड़कर दूसरे समुदाय के युवक से शादी की थी, जिसके बाद उन्होंने अंसारी उपनाम (सरनेम) अपना लिया था। लेकिन आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद उनका पति उन्हें छोड़कर चला गया। इसके बाद से ही पुष्पा का जीवनयापन का कड़ा संघर्ष शुरू हो गया। गरीबी से जूझते हुए वह अपने बेटे और बहू के साथ दिन काट रही थीं। जिंदगी के इस कठिन दौर में उन्होंने दोबारा अपने पुराने धर्म में लौटने की इच्छा व्यक्त की, लेकिन परिस्थितियों के दबाव के कारण यह संभव नहीं हो पा रहा था।
पुष्पा की इस इच्छा के बारे में पता चलने पर हिंदू सुरक्षा समिति के सदस्य पारिजात गंगोपाध्याय उनकी मदद के लिए आगे आए। उन्होंने न केवल धर्म वापसी की पहल की, बल्कि पुष्पा के परिवार को हर संभव सहारा देने का आश्वासन भी दिया। इसके बाद महालया के पावन अवसर पर दुर्गापुर के चंडीदास क्षेत्र में श्री रामचंद्र जी के सामने यज्ञ का आयोजन किया गया, जहां उनकी धर्म वापसी का अनुष्ठान संपन्न हुआ। समिति का दावा है कि इस पूरी प्रक्रिया में कानूनी नियमों का भी पालन किया गया है।
स्वधर्म में लौटने के बाद पुष्पा बाउरी ने कहा, “प्यार करके शादी करने के बावजूद मेरे पति मुझे छोड़कर चले गए। इस वजह से मैं अपने बेटे और बहू के साथ बहुत कठिनाई में दिन बिता रही थी। अब हिंदू धर्म में वापस आने का मौका पाकर मैं बहुत खुश हूं।”
वहीं, हिंदू सुरक्षा समिति के सदस्य पारिजात गंगोपाध्याय ने कहा, “पुष्पा जी ने बताया कि उनके पति ने उनके साथ धोखा किया है। इसी वजह से वह दोबारा हिंदू धर्म में लौटना चाहती थीं। हम पुष्पा और उनके परिवार के साथ खड़े रहना चाहते हैं। भविष्य में भी हम उनकी सहायता करने का प्रयास करेंगे और इस बात का पूरा ध्यान रखेंगे कि उनके परिवार को किसी प्रकार की आंच न आए।”