धनंजय, सन्मार्ग संवाददाता
जामुड़िया : ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के सातग्राम-श्रीपुर क्षेत्र में खदानों की सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने को लेकर गुरुवार को क्षेत्रीय अतिथि गृह में त्रिपक्षीय सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रबंधन, सुरक्षा विभाग तथा विभिन्न ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों ने खदानों में कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया।
बैठक में क्षेत्र की भूमिगत खदानों एवं ओपन कास्ट परियोजनाओं में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए पंपिंग व्यवस्था, वेंटिलेशन, ट्रैवलिंग रोड, विद्युत व्यवस्था, पर्याप्त प्रकाश की उपलब्धता तथा आपातकालीन परिस्थितियों में एंबुलेंस की सुविधा सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित विभिन्न समस्याओं और सुझावों को अधिकारियों के समक्ष रखा तथा उनके शीघ्र समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया।
बैठक में डीएमएस (खनन रीजन-1) मुकेश कुमार सिन्हा, सातग्राम-श्रीपुर क्षेत्र के महाप्रबंधक रॉबिन थानुजा, क्षेत्रीय सुरक्षा अधिकारी तपन कुमार साहू तथा समन्वयक लक्ष्मण पाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं सुरक्षा पदाधिकारी उपस्थित रहे।
इसके अलावा डीडीएमएस खनन रीजन-1 संपत कुमार व मधुसूदन यादव, डीडीएमएस खनन रीजन-3 श्रीनिवास चिरा, डीडीएमएस इलेक्ट्रिकल रीजन-3 तपस कुमार बेहेरा, आईएसओ अमित सिंह, डीडीएमएस मैकेनिकल रीजन-3 श्याम प्रसाद देवड़ा, एटक कॉर्पोरेट सेफ्टी सदस्य अनिल सिंह, आईएसओ ईसीएल मुख्यालय के अपूर्व ठाकुर एवं डीपी मेहरा समेत विभिन्न ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
बैठक में बीएमएस के श्रीकांत दत्ता व अरूप मंडल, एटक के अशोक कुमार लाल व सीताराम दुसाध, एचएमएस के एस. महाशेखर, इनमोसा के प्रणब घोष व बीके सिंह, बीजेएमएम के डॉ. प्रमोद पाठक, केकेएससी के विश्वनाथ बनर्जी, सीटू के एमडी आजाद व एसएस राय तथा केएमसी के किशन पासवान सहित अन्य प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
बैठक के बाद महाप्रबंधक रॉबिन थानुजा ने कहा कि खदानों में सुरक्षा मानकों को और मजबूत बनाने तथा सामने आ रही समस्याओं के व्यावहारिक समाधान के उद्देश्य से बैठक आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि पंपिंग, वेंटिलेशन, आवागमन मार्ग, विद्युत व्यवस्था, प्रकाश एवं एंबुलेंस जैसी आवश्यक सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर विशेष चर्चा हुई है। बैठक में सामने आए सुझावों एवं बिंदुओं के आधार पर मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार कर उसे प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्पादन के साथ श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। बैठक में उठाए गए सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।