निरीक्षण करते डीआरएम संग्रह मौर्य 
आसनसोल

रेलवे की उच्च स्तरीय टीम ने सोनपुर बाजारी सीएचपी-साइलो का किया दौरा

कोयला ढुलाई को रफ्तार देने की कवायद

अंडाल : ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) और रेलवे के बीच परिचालन समन्वय को और सुदृढ़ करने की दिशा में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। ईस्टर्न रेलवे के आसनसोल डिवीजन के अधिकारियों की एक टीम ने सोनपुर बाजारी स्थित 12 MT CHP (कोल हैंडलिंग प्लांट) -साइलो का विस्तृत दौरा किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य कोयला ढुलाई की प्रक्रिया को तेज करना और दोनों विभागों के बीच आने वाली व्यावहारिक बाधाओं को दूर करना था।

DRM के नेतृत्व में हुआ निरीक्षण

आसनसोल मंडल रेल प्रबंधक (DRM) संग्रह मौर्य के नेतृत्व में रेलवे की उच्च स्तरीय टीम सोनपुर बाजारी पहुंची। इस टीम में वरिष्ठ परिचालन प्रबंधक (Sr. DOM) राजेश कुमार और वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक (Sr. DCM) मार्शल ए. सिल्वा समेत कई तकनीकी अधिकारी शामिल थे। सोनपुर बाजारी क्षेत्र के महाप्रबंधक आनंद मोहन ने रेलवे अधिकारियों का स्वागत किया और उन्हें परियोजना की कार्यप्रणाली से अवगत कराया।

35 रैक लोडिंग का रोडमैप तैयार

निरीक्षण के बाद आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि रेलवे अब पूरे ECL में प्रतिदिन औसतन 35 रैक लोडिंग की योजना पर काम कर रहा है। वर्तमान में सोनपुर बाजारी, जो ECL का पायनियर प्रोजेक्ट है, वहां से रोजाना औसतन 10 रैक की लोडिंग होती है। रेलवे का लक्ष्य इस संख्या को बढ़ाकर कोयला परिवहन को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।

इन मुद्दों पर हुई चर्चा

मिली जानकारी के अनुसार, बैठक के दौरान परिचालन को सुगम बनाने के लिए कई बिंदुओं पर मंथन किया गया।

समय की बचत : रैक की रवानगी और कोयले के उठाव में लगने वाले समय को कम करने के उपाय। बेहतर संचार : रेलवे और ECL प्रबंधन के बीच रियल-टाइम डेटा शेयरिंग और प्रभावी संवाद। फिट रैक की मांग : ECL अधिकारियों ने रेलवे के समक्ष 'डैमेज रैक' (क्षतिग्रस्त डिब्बे) की समस्या उठाई। उन्होंने कहा कि खराब रैक भेजने से लोडिंग बाधित होती है, जिससे समय की बर्बादी होती है। रेलवे ने इस दिशा में सकारात्मक सुधार का आश्वासन दिया।

निर्बाध परिवहन की प्रतिबद्धता

अधिकारियों के अनुसार, इस दौरे और संवाद से न केवल लोडिंग कार्यों में आने वाली बाधाएं दूर होंगी, बल्कि देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए कोयले का निर्बाध परिवहन सुनिश्चित किया जा सकेगा। यह दौरा दोनों विभागों के बीच बढ़ते सहयोग और परिचालन प्रदर्शन को बेहतर बनाने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

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