सांकतोड़िया : ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) प्रबंधन और कॉरपोरेट ज्वाइंट कंसल्टेटिव कमेटी (जेसीसी) के बीच हुई अहम बैठक में कंपनी के समक्ष मौजूद चुनौतियों और भविष्य की रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक ईसीएल मुख्यालय के संकल्प हॉल में आयोजित की गई। बैठक का मुख्य फोकस कोयला उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने, खदानों में सेफ्टी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा अनावश्यक खर्चों में कटौती कर कंपनी की वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाने पर रहा। बैठक में प्रबंधन की ओर से सीएमडी सतीश झा, निदेशक वित्त मोहम्मद अंजार आलम, तकनीकी निदेशक संचालन नीलाद्री राय, निदेशक मानव संसाधन गुंजन कुमार सिन्हा, महाप्रबंधक (पीएंडआईआर) पुण्यदीप भट्टाचार्य, जनसंपर्क अधिकारी देवज्योति घोष, डीपी के तकनीकी सचिव विवेक कुमार, यूनियन की ओर से बीएमएस से अंगद उपाध्याय, बिनोद कुमार सिंह, सीटू से सुजीत भट्टाचार्य, रंजीत मुखर्जी, एचएमएस से शिवकांत पांडेय, प्रफुल्ल चटर्जी, एटक से गुरुदास चक्रवर्ती, आईएनटीटीयूसी से हरेराम सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित थे। बैठक में प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि मौजूदा वित्तीय वर्ष के शेष महीनों में उत्पादन लक्ष्य हासिल करना ईसीएल की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है।
सेफ्टी पर जीरो टॉलरेंस नीति
बैठक में खदानों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर मंथन हुआ। प्रबंधन ने दोहराया कि सेफ्टी से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई जाएगी। नियमित सेफ्टी ऑडिट, कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, आधुनिक सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और मानक परिचालन प्रक्रियाओं के कड़ाई से पालन पर सहमति बनी। वहीं ईसीएल की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए अनावश्यक खर्चों पर लगाम लगाने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। प्रबंधन ने कहा कि ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, रख-रखाव और प्रशासनिक खर्चों की समीक्षा कर लागत में कमी लाई जाएगी।
ट्रेड यूनियनों की भूमिका पर जोर
कॉरपोरेट जेसीसी के प्रतिनिधियों ने श्रमिकों से जुड़े मुद्दों, कार्य–परिस्थितियों और सेफ्टी उपायों पर अपने सुझाव रखे। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रबंधन और श्रमिक संगठनों के बीच बेहतर समन्वय और संवाद बेहद जरूरी है। बैठक के अंत में ईसीएल प्रबंधन ने भरोसा दिलाया कि कर्मचारियों के हितों की रक्षा के साथ-साथ कंपनी के समग्र प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। इसे आने वाले समय में ईसीएल की कार्ययोजना को दिशा देने वाली महत्वपूर्ण बैठक माना जा रहा है।