संजय, सन्मार्ग संवाददाता
बर्दवान : राज्य भर में फर्जी डॉक्टरों को लेकर डॉ. राजीव पांडे ने एक विस्फोटक आरोप लगाया है। आरोप है कि धोखाधड़ी करके एक तकनीशियन रातों-रात एमबीबीएस डॉक्टर बन गया। डॉ. राजीव का आरोप है कि राज्य में ऐसे पांच फर्जी डॉक्टरों में से तीन खुद सरकारी चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े हुए हैं, जबकि बाकी दो राज्य भर के निजी क्षेत्रों में जमकर प्रैक्टिस कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि डॉ. राजीव पांडे ''एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट हॉस्पिटल एंड नर्सिंग होम'' (APHN) के सचिव भी हैं। डॉ. राजीव का दावा है कि बिहार मेडिकल काउंसिल का फर्जी प्रमाण पत्र दिखाकर पश्चिम बंगाल मेडिकल काउंसिल से रजिस्ट्रेशन नंबर हासिल कर तीन लोगों ने डॉक्टरी का लाइसेंस लिया था। उनमें से एक पूर्व बर्दवान के लगभग 25-26 नर्सिंग होम में नियमित रूप से सर्जरी (ऑपरेशन) करता है। दूसरा उत्तर 24 परगना के बारासात में नर्सिंग होम चलाता है और कोलकाता के उपनगरीय इलाके न्यू टाउन में डर्मा (त्वचा) क्लीनिक चलाता है। डॉक्टर इस बात से भी हैरान हैं कि वह एक ही समय में गायनी (स्त्री रोग) और डर्मा प्रैक्टिस कैसे कर लेता है। आरोप है कि दोनों ने ''स्वास्थ्य साथी'' योजना की बदौलत करोड़ों रुपये कमाए हैं। इसके अलावा, तीन अन्य फर्जी डॉक्टर सरकारी नौकरी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि संगठन की ओर से इस मामले की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दे दी गई है। उल्लेखनीय है कि शनिवार शाम बर्दवान के एक प्रतिष्ठित होटल में इस संगठन की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। अब तक बर्दवान में नर्सिंग होम मालिकों के दो संगठन थे, लेकिन अब वे सभी इस नए संगठन में विलय (शामिल) हो गए हैं। इस बैठक में बर्दवान के दो संगठनों के प्रमुख शेख अलहाजउद्दीन और शेख अब्बासउद्दीन