3 माओवादी कमांडर बांकुड़ा में करेंगे आत्मसमर्पण
भारी मात्रा में हथियार भी सौंपेंगे
बांकुड़ा: प्रतिबंधित संगठन भाकपा (माओवादी) के तीन शीर्ष कमांडर बुधवार(23 सितंबर) को पश्चिम बंगाल पुलिस के एडीजी (पश्चिमी क्षेत्र) के समक्ष औपचारिक रूप से आत्मसमर्पण करेंगे। यह आत्मसमर्पण कार्यक्रम बांकुड़ा पुलिस कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित किया जाएगा।
बांकुड़ा जिला पुलिस द्वारा चलाए जा रहे निरंतर अभियानों के दबाव में इन माओवादी कैडरों ने राज्य सरकार की 'आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति' के तहत मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है।
आत्मसमर्पण करने जा रहे माओवादी नेताओं ने जबा महता उर्फ बुलू उर्फ गोरी ( जोनल कमेटी सदस्य), नयनतारा साहू उर्फ मीता उर्फ झूमा (जोनल कमेटी सदस्य)
और रामप्रसाद मांडी उर्फ महादेव उर्फ सचिन (रीजनल कमेटी सदस्य, बी.जे.ओ. क्षेत्र) शामिल है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, ये तीनों नक्सली पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम, बांकुड़ा, पुरुलिया और पश्चिम मेदिनीपुर तथा झारखंड के पूर्वी सिंहभूम (कोल्हान) क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय थे। तीनों पर हत्या, गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA), आर्म्स एक्ट और विस्फोटक अधिनियम जैसे गंभीर आरोपों के तहत 75 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।
आत्मसमर्पण के दौरान ये कमांडर अपने साथ 3 अत्याधुनिक आग्नेयास्त्र (2 इंसास राइफल और 1 एके-47), 10 मैगजीन और 154 कारतूस भी पुलिस को सौंपेंगे।
उल्लेखनीय है कि आत्मसमर्पण करने वालों में शामिल एक महिला कमांडर के पति को झारखंड पुलिस 4 अगस्त 2026 को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इन वरिष्ठ कैडरों का हथियार डालना जंगलमहल और सीमावर्ती क्षेत्रों में माओवादी नेटवर्क के लिए एक बड़ा झटका साबित होगा।