वस्त्रों का चुनाव मौसम के अनुसार किया जाए तो यह न केवल आरामदायक होता है बल्कि व्यक्तित्व में भी निखार पैदा होता है। गर्मी की कड़कती धूप में अगर थोड़ा सा सोच कर कपड़े पहने जाएं तो न केवल ये अच्छे लगेंगे बल्कि आपको तेज गर्मी में ठंडक व ताजगी भी प्रदान करेंगे।
गर्मियों में वस्त्र हल्के और पसीना सोखने वाले होने चाहिए। जिस कपड़े में ये सब विशेषताएं होती हैं वह हैं सूती वस्त्र। ये गर्मी की गर्माहट को कम करते हैं।
गर्मियों में नायलन, सिल्क, सिंथेटिक आदि वस्त्रों को बिल्कुल नहीं पहनना चाहिए क्योंकि ये पसीने को सोखते नहीं हैं, साथ ही ये हवा को शरीर तक पहुंचने में बाधा उत्पन्न करते हैं। इन्हें पहनने पर गर्मी व चिपचिपाहट अनुभव होती है क्योंकि ये शरीर को हवा नहीं पहुंचने देते।
यह बात सही है कि सिंथेटिक वस्त्र धोने में आसान व जल्द सूखने वाले होते हैं और इन पर सूती वस्त्रों की तरह सिलवटें भी नहीं पड़ती पर गर्मियों में ये अनुकूल नहीं होते इसलिए गर्मियों में सूती वस्त्रों से अच्छे कोई वस्त्र नहीं।
कई लोगों का यह विचार है कि सूती वस्त्र आभाहीन और बहुत सादे लगते हैं पर आज सूती वस्त्र ही सबसे ज्यादा फैशन में हैं और आज बड़े से बड़े शो रूम के डिस्पले पर भी सूती वस्त्र लगे देखे जा सकते हैं।
कई सूती वस्त्रों में थोड़ा सा सिंथेटिक फाइबर मिला लिया जाता है ताकि इन पर सिलवटें कम पड़ें और ये ज्यादा चलें परन्तु 40 प्रतिशत से अधिक सिंथेटिक नहीं मिला होना चाहिए नहीं तो त्वचा को हवा नहीं पहुंचेगी।
जहां तक सूती वस्त्रों की कीमतों का सवाल है, विदशों के मुकाबले भारत में सूती वस्त्रों की कीमतें कम हैं। सूती वस्त्रों में आप साउथ काटन, चिकन के लखनवी सूट, राजस्थानी काम के सूट आदि पहन सकती हैं जो आजकल फैशन में हैं।
सूट के अतिरिक्त गर्मियों में सूती टी शर्ट भी पहन सकते हैं। गर्मियों में सिल्क साड़ियां बिल्कुल न पहनें। सूती, जार्जेट, शिफोन पहनें। कहीं पार्टी आदि में जाना हो तो चंदेरी और क्रेप पहन सकती हैं।
गर्मियों में हल्के रंग के वस्त्र पहनें जो आपको शीतलता प्रदान करें। हल्का नीला, सफेद, हल्का ग्रे, गुलाबी, पेस्टल शेडस, हल्का हरा, लेमन आदि रंग गर्मियों में पहनें। गर्मियों में गाढ़े रंग बिल्कुल न पहनें।
रात को सोते समय भी सूती कपड़ों की बनी नाइटी, पाजामा, कुरता आदि पहनें। गर्मियों में जो भी कपड़े पहन रहे हैं वे बहुत कसे हुए न हों नहीं तो वे हवा को शरीर तक पहुंचने में बाधा उत्पन्न करेंगे। ढीले ढाले, हल्के वस्त्र ही पहनें। सोनी मल्होत्रा(उर्वशी)