घर के सामान को रखें व्यवस्थित 
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घर के सामान को रखें व्यवस्थित

बड़े शहरों में घर के सामान को व्यवस्थित करना दिन-प्रतिदिन मुश्किल होता जा रहा है। ऐसे में परिवार के सदस्यों में तनाव का एक और कारण जुड़ जाता है क्योंकि आज के समय में घर में छोटे और भौतिक सुख साधन अधिक होते हैं इसलिये उन्हें व्यवस्थित रखना थोड़ा मुश्किल हो जाता है पर असंभव नहीं। बस कुछ मन पक्का कर दिमाग का सही प्रयोग कर इस समस्या पर आसानी से काबू पाया जा सकता है।

अनावश्यक सामान की छंटनी

  • घर में बहुत सा ऐसा सामान होता है जिनकी आवश्यकता बहुत समय से नहीं पड़ी होती पर फिर भी लगता है कि कभी भी इसकी आवश्यकता पड़ सकती है। बस यह सोचते हुए हम उस सामान को समेटे रखते हैं और अपने स्टोर में भीड़ बढ़ाते रहते हैं या फिर समय का बहाना कर उसकी छंटनी नहीं करते।

  • हम यह भूल जाते हैं कि जब आवश्यकता पड़ती है तो वह सामान भीड़ में खो जाता है। ऐसे में अपने मन को पक्का कर अनावश्यक सामान की छंटनी कर उन्हें घर से बाहर का रास्ता दिखा देना चाहिए।

  • इरादा पक्का रख कर देखिए। हमारा स्टोर, रसोई, अलमारियां, बुक शेल्फ हल्के लगेंगे।

  • अपने बेड के बक्सों के लिए भी ऐसा ही करें। जो बेडशीट्स पुरानी हैं, उन्हें निकाल दीजिए।

मौसम अनुसार सामान समेटें

घर के सामानों में कुछ ऐसा सामान भी होता है जिनकी आवश्यकता केवल होली,दिवाली पर ही होती है जैसे बच्चों की पिचकारी और रंग, दिवाली पर लगाई जाने वाली लाइट्स, कूलर में पानी भरने वाली पाइप, बच्चों की वर्षा ऋतु में प्रयोग होने वाली बरसाती आदि। इस सामान की आवश्यकता एक साल के अन्तराल में पड़ती है।

ऐसे में उन्हें डिब्बे में रखकर ऊपर स्टिकर चिपका कर नोट कर के एक निश्चित स्थान पर रखें ताकि आवश्यकता होने पर उनका दुबारा प्रयोग किया जा सके। रंग आदि संभाल कर न रखें। इन्हें फेंक दें। सामान यदि उचित स्थान पर होगा तो घर अव्यवस्थित नहीं लगेगा। बच्चों और बड़ों के गर्म कपड़ों के अलग बैग बनाकर टैग लगाकर रखें। सभी गर्म कपड़े एक ही बैग में रखें। गर्म कपड़े संभालते समय उन कपड़ों को न रखें जिन्हें आपका अगले साल पहनने का मन नहीं है। पैक करने से पूर्व छंटनी अवश्य करें।

कमरों का रख रखाव करें सलीके से

  • यदि बेडरूम छोटे हैं तो पर्दे और बैडशीट हल्के रंगों के इस्तेमाल करें। बेडशीट बिछाते समय ध्यान दें कि उन पर सिलवटें न पड़ी हों तो कमरे का लुक कुछ बडा लगेगा।

  • बच्चों के कमरे में बच्चों की बुक्स, कपड़ों की अलमारी, शूज़ और टॉयज रखें ताकि वे अपना कमरा मैनेज करना प्रारंभ से ही सीख जाएं।

  • प्रारंभ में पेरेंटस को चाहिए उन्हें वीकएंड पर अपना कमरा मैनेज करना सिखाएं और बाद में उन पर जिम्मेदारी सौंप दें। उनके कमरे से यदि कबाड़ या अनावश्यक वस्तुएं निकालनी हों तो बच्चों से पूछ लें कि उन्हें आवश्यकता तो नहीं। यदि बच्चे छोटे हों तो अपने दिमाग से सॉक्स, शूज, टायज और कपड़ों की छंटनी कर उनका कमरा हल्का रखें।

  • बुजुर्गों के कमरे की छंटनी करते समय उनके सेंटीमेंट्स को ध्यान में रख कर छंटनी करें। यदि आपको लगे कि वे कुछ अनावश्यक सामान भी रख रहे हैं तो उन्हें उसके नुकसान समझाएं और विश्वास दिलाएं कि उन्हें आवश्यकता पड़ने पर पुनः ले देंगे।

सामान को दें उचित स्थान

  • जिस कमरे का सामान हो, उसे उचित स्थान पर रखें। बाथरूम का सामान बाथरूम में, रसोई का रसोई में, बेडरूम और ड्राइंगरूम का उनके उचित स्थान पर रखें ताकि ढूंढने में कठिनाई न हो और जब उनकी आवश्यकता हो, उन पर नजर आसानी से पड़ जाए।

  • यदि रसोईघर के कुछ बर्तन पुराने पड़ गए हों या टूट रहे हों, समय रहते उन्हें बदल दें।

  • कुछ बर्तन दीवारों पर हुक लगा कर भी लटका सकते हैं जैसे-कुकर के ढक्कन, फ्राइंग पैन, छननी आदि।

  • कुछ पुराने खिलौनों को पैलमेट पर सजा सकते हैं ताकि स्थान बना रहे और नई चीजों का घर में प्रवेश हो सके। टूटे फूटे फर्नीचर, पुरानी घड़ियों को घर में सहेज कर न रखें। इनसे कबाड़ बढ़ता है। उन्हें वक्त रहते बाहर का रास्ता दिखाएं या काम वाली के काम आने की वस्तु हो तो उसे दे दें ताकि आपका होम मैनेजमेंट इन खराब वस्तुओं से न बिगड़े।

परिवार में सबको सीख दें मैनेजमेंट की

वैसे तो पढ़ने में अजीब लगता है कि परिवार के सभी लोग मैनेजमेंट सीखें। यही है समय की मांग। यदि सभी अपने सामान के प्रति जागरूक होंगे तो घर का बैलेंस नहीं बिगड़ेगा और सामान ढूंढने में समय व्यर्थ नहीं गंवाना पड़ेगा और कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा। बस आवश्यकता है घर में कुछ नियम बनाने की। बच्चों और पति को समझाएं कि वे अपने शूज़ और अपने कपड़े यथास्थान पर रखें। घर में पुराने अखबारों के लिए भी एक कोना निश्चित रखें ताकि सलीके से रखे अखबार घर को अस्त व्यस्त न बनाएं।

मैले वस्त्रों को वाशिंग मशीन में डालने की आदत बनाए और प्रेस वाले कपड़ों को अलमारी में संभालने की ताकि घर बिखरा बिखरा न लगे। डेªसिंग टेबल और डाइनिंग टेबल पर अनावश्यक सामान रख कर उसे कबाड़ी की दुकान न बनाएं। यदि घर के सभी सदस्य ठान लें कि घर को ढंग से मैनेज करना है तो कोई समस्या नहीं है घर के सामान को मैनेज करना।

नीतू गुप्ता(उर्वशी)

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