सर्दियां आते ही सबको चिंता हो जाती है कि सर्दियों की ठंडी खुश्क हवा त्वचा पर खासा प्रभाव डालेगी तो अक्सर लोग विंटर केयर लोशन, कोल्ड क्रीम लेकर त्वचा की देखरेख शुरू कर देते हैं। कुछ लोग पैर जुराबों से ढके होने के कारण पैरों की अनदेखी करते हैं। पैरों पर ध्यान तब जाता है जब एड़ियां और पांव फटने प्रारंभ होते हैं। उन फटे पैरों को देखकर मन उदास हो जाता है तब पैरों की देखभाल पर ध्यान केंद्रित होता है।
पैरों का फटना, चमड़ी का सख्त होना, त्वचा में खुरदरापन आना ये सर्दियों में पैरों की आम समस्याएं हैं। हम इनका ध्यान भी समय रहते प्रारंभ कर लें तो हमें शर्मिंदगी नहीं उठानी पड़ेगी, मन भी उदास नहीं होगा और पैरों की उंगलियों में सर्दी के कारण सूजन भी नहीं होगी।
पैरों की खुरदरी त्वचा देखने में भद्दी लगती है। इसके लिए सप्ताह में एक या दो बार गुनगुने पानी में पैरों को अच्छी तरह डुबोएं। पानी में थोड़ा सा शैम्पू, नमक, नींबू की बूंदें भी डालें। हल्के हाथों से प्यूमिक स्टोन से पैरों की ऊपर, नीचे सफाई करें।
पंद्रह मिनट बाद पैरों को सुखाकर विंटर केयर लोशन, वैसलीन या कोल्ड क्रीम से अच्छी तरह मालिश कर जुराबें पहनें।
एक बोतल में ग्लिसरीन, गुलाबजल और नींबू रस समभाग मिला कर रख लें, नहाने के बाद और सोने से पहले पांवों, उंगलियों और एड़ी पर अच्छी तरह मसाज कर कुछ समय के लिए जुराबें पहन लें। इससे त्वचा मुलायम रहेगी।
रात्रि में सोने से पूर्व पैरों को साधारण पानी से धोकर, सुखाकर, माश्चराइज़र लोशन लगा कर मालिश करें। तब भी त्वचा मुलायम रहेगी।
एड़ी की त्वचा मोटी होने के कारण शरीर के अंदर बनने वाला प्राकृतिक तेल एड़ी तलवों के बाहर तक नहीं पहुंच पाता इसलिए चिकनाई की कमी के कारण एड़ियां और तलवे फटने लगते हैं। फटी एड़ियां देखने में गंदी तो लगती हैं, साथ ही इनमें पीड़ा भी बहुत होती है। फटी एड़ियों का समय पर इलाज कर लेना चाहिए नहीं तो कभी-कभी इनसे खून आना प्रारंभ हो जाता है।
मोम पिघला कर उसमें थोड़ा सरसों का तेल मिलाकर फटी एड़ियों पर लगाने से आराम मिलता है। लगाने से पूर्व पैरों की सफाई अवश्य कर लें। ध्यान रखें मोम लगाने के बाद चलें फिरें नहीं। जुराबें पहने रखें और आराम करें।
पैडीक्योर से तलवे एड़ी की अच्छी तरह सफाई हो जाती है जिससे मृत त्वचा निकल आती है और क्रीम की मसाज से त्वचा की खुश्की भी कम हो जाती है त्वचा मुलायम हो जाती है।
थोड़ी सी वैसलीन में बोरिक पाउडर मिलाकर लगाने से एड़ियां धीरे-धीरे भरने लगेंगी।
मैथिलेटिड स्पिरिट को रूई के फाहे में डालकर फटी एड़ियों पर थोड़ी देर रखें, फिर हटा लें, दिन में तीन चार बार एड़ियों पर लगाने से लाभ मिलता है।
गर्म पानी में कुछ बूंदें डिटोल, शैंपू, मीठा सोडा की डालें और पैरों को उसमें भिगो दें, ऐसा करने से मृत त्वचा फूल जाएगी जिसे आप प्यूमिक स्टोन की सहायता से हटा सकती हैं। बाद में पोंछकर उस पर नारियल तेल से या कोल्ड क्रीम से मालिश कर लें।
इन सब विधियों को अपनाकर अपने पैरों को सुरक्षित रख सकते हैं। चेहरे, हाथ, गर्दन की त्वचा के साथ-साथ पैरों को भी नजरअंदाज न करें। तभी उन्हें सर्दियों की खुश्क सर्द हवाओं से बचा कर रखा जा सकता है। (उर्वशी)सुनीता गाबा