कोलकाता : सेठ सूरजमल जालान पुस्तकालय के तत्वावधान में बीते दिनों हिंदी काव्य मंचों के रोचक प्रसंग विषयक अंतरंग गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी में मंच संचालक के रूप में अपनी पचास वर्षीय यात्रा के अनुभवों को साझा करते हुए डॉ. शिव ओम अम्बर ने कहा कि हिंदी काव्य मंच तथा नीरज, बालकवि बैरागी, भवानी प्रसाद मिश्र, रामरिख मनहर, धर्मवीर भारती, आत्म प्रकाश शुक्ल, विष्णुकांत शास्त्री, जैसे स्वनामधन्य साहित्यकारों और अटल बिहारी बाजपेयी एवं मुलायम सिंह यादव जैसे हिंदी प्रेमी राजनेताओं से जुड़े प्रसंग मुझे आज भी अनुप्रेरित करते हैं। उन्होंने मंचों के गिरते स्तर के लिए भवानी भाई के परामर्श को याद किया - 'सहो, और बेहतर बात करने के लिए रहो'। इसी क्रम में समाज निर्माण हेतु बालकवि बैरागी की सूर्य को संबोधित कविता का उल्लेख करते हुए उन्होंने आह्वान किया 'संग्राम यह घनघोर है, कुछ मैं लड़ूं कुछ तुम लड़ो।'
विशिष्ट अतिथि प्रख्यात कथावाचक पं. श्रीकांत शर्मा ' बालव्यास ' ने आशीर्वचन देते हुए कहा कि हमेशा मनुष्य के आचरण की पूजा की जाती है चरण की नहीं। जब मनुष्य अपने आचरण से बड़ा होता है तभी वह पूजनीय होता है।
गोष्ठी का शुभारंभ विवेक तिवारी द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। स्वागत वक्तव्य पुस्तकालय की मंत्री दुर्गा व्यास तथा धन्यवाद ज्ञापन पुस्तकालय अध्यक्ष भरत कुमार जालान ने किया।
गोष्ठी का प्रारम्भ करते हुए डॉ. प्रेमशंकर त्रिपाठी ने कहा कि अम्बर जी ने मंच संचालक के रूप में हिन्दी काव्य मंचों को गरिमा और महिमा प्रदान की है। उनके मंचीय अनुशासन को सर्वत्र सराहना प्राप्त हुई है।
इस गोष्ठी में वंशीधर शर्मा, अरुण प्रकाश मल्लावत, नंदकुमार लड्ढा, डॉ. सत्या उपाध्याय, प्रो. राजश्री शुक्ला, सत्यप्रकाश दुबे, योगेश राज उपाध्याय, चंद्रिका प्रसाद पांडेय ' अनुरागी ' विधुशेखर शास्त्री, गायत्री बजाज, ऋषिकेश राय, अनिल शुक्ला, बिशन सिखवाल, विजय शंकर पांडेय, कामेश्वर पांडेय, अखिलेश पाण्डेय, प्रभात मिश्रा, मीतू कनोड़िया, श्रद्धा टीबड़ेवाल, रामकेश सिंह, रश्मि सिंह, डॉ. कमल कुमार, ब्रह्मशंकर दुबे, रुद्रकांत झा, सुशील पांडेय, संजीत सिंह, जीवन सिंह, परमजीत पंडित के साथ कोलकाता के साहित्यकार, पत्रकार एवं शिक्षक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में पुस्तकाध्यक्ष श्रीमोहन तिवारी, भगीरथ सारस्वत, राहुल उपाध्याय, सत्यम शुक्ला, राहुल दास एवं शनि की सक्रिय भूमिका रही।