क्यों होती है डाय‌बिटीज और कैसे बचें? जानिए पूरे विस्तार से

क्यों होती है डाय‌बिटीज और कैसे बचें? जानिए पूरे विस्तार से
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डाय‌ब‌िटीज से कैसे पाएं छुटकारा? जानिए डाय‌ब‌िटीज के लक्षण और उपाय
लक्षण : डाय‌ब‌िटीज आजकल हर तीसरे आदमी को परेशान कर रही है। यह 2 तरह की होती है, जिसे टाइप 1 और टाइप 2 कहते हैं। टाइप 1 डायबिटीज में लोगों को मतली, पेट दर्द, उल्टी जैसे लक्षण सामने आते हैं। वहीं टाइप 2 में अत्यधिक भूख लगना, अचानक वजन कम होना, हाथों या पैरों में झुनझुनी, थकावट, कमजोरी, शुष्क त्वचा, घावों का धीरे-धीरे भरना, अत्यधिक प्यास लगना, विशेष रूप से रात में बहुत अधिक पेशाब आना, संक्रमण, बालों का झड़ना डायबिटीज के आम लक्षण हैं।
डाय‌ब‌िटीज के कारण : डाय‌ब‌िटीज में शरीर के रक्त प्रवाह का नियंत्रण ठीक से नहीं होता तथा यह पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन नहीं कर पाता, जिस कारण शरीर में कई समस्याएं उत्पन्न होती हैं। किसी भी व्यक्ति में डाय‌ब‌िटीज होने के अलग-अलग कारण हो सकते हैं जैसे- बढ़ती उम्र, हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल, एक्सरसाइज ना करने की आदत, हार्मोन्स का असंतुलन, हाई ब्लड प्रेशर, खान-पान की गलत आदतें आदि शरीर में डाय‌ब‌िटीज को बढ़ाने का काम करती हैं। डाय‌ब‌िटीज बढ़ने में आनुवांशिकी, मोटापा, शिथिल जीवनशैली और कुछ चिकित्सीय स्थितियां या दवाएं भी शामिल हैं।
डायबिटीज से बचने के उपाय : डाय‌ब‌िटीज से छुटकारा पाने के लिए स्वस्थ और संतुलित भोजन का सेवन महत्वपूर्ण है जैसे- साबुत अनाज, ताजे फल और सब्जियां, लीन प्रोटीन कम जीआई मूल्य वाले खाद्य पदार्थों से रक्त प्रवाह के स्तर में वृद्धि होने की संभावना कम होती है। इसमें गैर-स्टार्च वाली सब्जियां, साबुत अनाज, नट और फलियां शामिल हैं।
ये बिल्कुल न खाएं ः डाय‌ब‌िटीज में कुछ पदार्थों का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए जैसे- शक्कर युक्त स्नैक्स, सफेद ब्रेड, और शक्कर युक्त पेय ब्लड शुगर (रक्त शर्करा) के स्तर को बढ़ा सकते हैं और इसे सीमित किया जाना चाहिए। किसी भी भोजन का बहुत अधिक सेवन करने से ब्लड शुगर का स्तर बढ़ सकता है। कार्बोहाइड्रेट रक्त शर्करा के स्तर पर बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं, इसलिए कार्बोहाइड्रेट के स्वस्थ स्रोतों जैसे साबुत अनाज, फलों और सब्जियों का सेवन महत्वपूर्ण है। डाय‌ब‌िटीज में अधिक पानी पीने से रक्त शर्करा के स्तर को स्थिर रखने में मदद मिल सकती है।

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