अपने नये लक्ष्यों के बारे में गुकेश ने कहा… | Sanmarg

अपने नये लक्ष्यों के बारे में गुकेश ने कहा…

बेंगलुरु : डी गुकेश ने पिछले एक महीने में कई उपलब्धियां हासिल की हैं जिसमें विश्व चैंपियनशिप में जीत के बाद हाल में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार के लिए चुना जाना शामिल है लेकिन शतरंज का यह प्रतिभाशाली खिलाड़ी अब 2025 में ‘चुनौतीपूर्ण’ वर्ष का सामना करने के लिए अपना ध्यान और लक्ष्य फिर से निर्धारित करना चाहता है। गुकेश 17 जनवरी से नीदरलैंड के विज्क आन जी में शुरू होने वाले टाटा स्टील टूर्नामेंट में शिरकत करेंगे जिसमें अनीश गिरी, अर्जुन एरिगेसी, फैबियानो कारूआना और आर प्रज्ञानानंद जैसे शीर्ष खिलाड़ी भी होंगे। गुकेश ने रविवार को वेस्टब्रिज कैपिटल द्वारा आयोजित सम्मान समारोह के दौरान मीडिया से कहा, ‘हां, 2025 काफी चुनौती पेश करेगा। बहुत सारे नए और दिलचस्प टूर्नामेंट होंगे। विश्व चैंपियनशिप अब बीती बात हो चुकी है। मैं इसे जीतकर और सभी पुरस्कारों से बहुत खुश हूं।’ उन्होंने कहा, ‘लेकिन अब मैंने नये लक्ष्यों, नये टूर्नामेंट और तैयारी के नये तरीकों के बारे में सोचना शुरू कर दिया है। लक्ष्य और दृष्टिकोण वही रहेगा। अपना सर्वश्रेष्ठ देना, खुद को बेहतर बनाते रहना और जितना संभव हो सके उतने टूर्नामेंट जीतना।’

 

गुकेश ने कहा, ‘इसलिए मैं बहुत कुछ सीखने, बहुत सारे सुधार करने की उम्मीद कर रहा हूं। उम्मीद है कि बहुत सारे अच्छे नतीजों के साथ यह एक मजेदार साल रहेगा।’ हालांकि गुकेश पर विश्व चैंपियन का ‘टैग’ होगा और साथ ही बहुत सारी उम्मीदें भी होंगी। लेकिन 19 वर्षीय खिलाड़ी इसके लिए तैयार है। उन्होंने कहा, ‘हां, मैं कुछ समय से सुर्खियों में रहने का आदी हो गया हूं। जाहिर है कि विश्व चैंपियनशिप के बाद यह और भी बढ़ जाएगा। लेकिन मुझे जो चीजें याद हैं, वे हैं खुद को बेहतर बनाते रहना और असफलताओं को स्वीकार करना।’ गुकेश ने कहा, ‘मुझे खुद से बहुत उम्मीदें हैं। इसलिए मुझे लगता है कि मेरा लक्ष्य दूसरों की अपेक्षाओं के बजाय अपनी खुद की उम्मीदों को पूरा करना है।’ लेकिन क्या वह इस खिताब के बाद मिली प्रशंसाओं को संभालने में सक्षम रहे हैं जो इसके बाद उन्हें मिली है। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगा कि विश्व चैंपियनशिप जीतना कैंडिडेट्स टूर्नामेंट की तरह होगा लेकिन निश्चित रूप से यह इससे अधिक होगा।

 

मुझे खुशी है कि यह सम्मान और सुर्खियां मुझे मिल रही हैं। लेकिन मुझे लगता है कि ट्रेनिंग से इन चीजों को प्रबंधित किया जा सकता है। लेकिन (विश्व चैंपियनशिप) मैच के बाद मुझे उबरने के लिए समय की भी जरूरत थी। मैंने थोड़ी ट्रेनिंग शुरू कर दी है। लेकिन यह जल्द ही गंभीर हो जाएगी।’ पांच बार के विश्व चैंपियन और गुकेश के मेंटोर विश्वनाथन आनंद ने कहा कि उनके शिष्य की जीत ने फिर से ध्यान शतरंज की ओर कर दिया है। आनंद ने कहा, ‘मुझे लगता है कि ध्यान फिर से शतरंज पर केंद्रित हो गया है। अगर आप इसे आगे बढ़ाते हैं तो यह संभव है कि हर एक टूर्नामेंट में कोई भारतीय खेल रहा हो जिसे आप देखने के लिए उत्सुक हों।’ उन्होंने कहा,  ‘निश्चित रूप से गुकेश इसका नेतृत्व करेंगे, खासकर विश्व चैंपियन होने के नाते। लेकिन अब लोग यह देखने में दिलचस्पी रखते हैं कि क्या कोई भारतीय टूर्नामेंट में खेलेगा। और दूसरा असर शायद और भी गहरा है कि युवा खिलाड़ी खेल को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।’

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