कुछ ही घंटों में फट सकता है फिलीपींस का दूसरा सबसे सक्रिय ज्वालामुखी, सुनामी का है खतरा

volcano

मनीला : फिलीपींस के सक्रिय ज्वालामुखी ‘ताल’ से सोमवार सुबह राख और धुआं निकलने के बाद प्रशासन द्वारा अलर्ट जारी करते हुए करीब 8 हजार स्‍थानीय लोगों को वहां से हटा दिया गया है। वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले कुछ घंटों में यह ज्वालामुखी फट सकता है। यह माना जा रहा है कि ताल लेक पर स्थित इस ज्वालामुखी के फटने पर लावा लेक में गिरेगा जिसके चलते नजदीकी इलाकों में सुनामी का भी खतरा है। बता दें कि ताल को दुनिया के सबसे छोटे लेकिन सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में गिना जाता है जिसका लावा 32 हजार से 49 हजार फीट (करीब 10-15 किमी.) दूर तक फैला हुआ है।

अलर्ट लेवल 4 पर, गंभीर खतरे का निशान

फिलीपींस का दूसरा सबसे सक्रिय ज्वालामुखी ताल सोमवार को भड़क उठा जिसके बाद मनीला का मौसम काफी बिगड़ गया है। रविवार देर शाम से ही इसमें से लावा और राख निकलना शुरू हो गया था। तब से अब तक पूरे इलाके में 75 बार भूकंप के झटके महसूस किए जा चुके हैं। इनमें से 32 झटके दूसरे स्तर के यानि कमजोर थे। फिलीपींस के इंस्टीट्यूट ऑफ वोल्केनोलॉजी एंड सीस्मोलॉजी (फिवोल्क्स) ने फिलहाल अलर्ट लेवल को 3 से बढ़ाकर 4 पर कर दिया है जो कि गंभीर खतरे का निशान है।

‘ताल’ के आसपास 4.5 लाख की आबादी

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों से जुड़े कार्यालय- ओसीएचए फिलीपींस ने बताया कि ताल ज्वालामुखी के आसपास 14 किमी के दायरे में करीब 4.5 लाख की आबादी है। उन्हें जल्द से जल्द खतरे के क्षेत्र से हटाने का कार्य किया जाना चा‌ह‌िए।

सरकारी कार्यालय और स्कूल बंद, 286 उड़ाने रद्द

वहीं, फिलीपींस के राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते ने ताल से निकली राख और खराब हवा के कारण मनीला और आसपास के इलाकों में बिगड़े मौसम को देखते हुए सरकारी कार्यालयों और स्कूलों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी जारी करते हुए लोगों से घर के अंदर रहने का अनुरोध किया गया है और सांस की समस्या से जूझ रहे लोगों की सहायता व देखभाल के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा मनीला एयरपोर्ट पर 286 उड़ाने रद्द कर दी गई हैं। हालांकि, मनीला के नजदीक क्लार्क फ्रीपोर्ट को खुला रखा गया है लेकिन उड़ान के दौरान सावधानी बरतने के लिए कहा गया है।

अब तक 34 बार फट चुका है ‘ताल’

उल्लेखनीय है कि पिछले 450 वर्षों में ताल ज्वालामुखी अब तक 34 बार फट चुका है। यह आखिरी बार 1977 में फटा था। 1974 में यह कई महीनों तक भड़का था। 1911 में इसमें विस्फोट के कारण करीब 1500 लोगों की मौत हो गई थी।

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