कारोबारी के चार बेटों का अपहरण, तीन सप्ताह बाद…

जोहान्सबर्गः दक्षिण अफ्रीका के भारतीय मूल के एक व्यापारी के अपहृत चार बेटों की सकुशल घर वापसी हो चुकी है। हथियारबंद बंदूकधारियों ने तीन सप्ताह पहले स्कूल जाते समय अगवा कर लिया था। पुलिस ने चारों के घरवापसी की पुष्टि की है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि बच्चों को उनके माता-पिता को सौंपने से पहले पहले चिकित्सकीय जांच की गई। बीते 21 अक्टूबर को चारों लड़कों को हथियारबंद लोगों ने अपहृत कर लिया था। अपहरणकर्ताओं की संख्या सात बताई जा रही है। इनके द्वारा बिजनेसमैन नजीम मोटी के चार बेटों जीडान 7, जायद 11, अलान 13, जिया 15 का अपहरण कर लिया गया था। अपहरणकर्ता दो वाहनों में आए और चारों के कार को रोक कर उनका अपहरण कर लिया। हालांकि, ड्राइवर को अपहरणकर्ताओं ने कोई नुकसान नहीं पहुंचाया।

पुलिस प्रवक्ता विश नायडू ने कहा कि पुलिस को प्रिटोरिया के तशवाने के लोगों का फोन आया, जिन्होंने कहा कि चार बच्चे उनके घर पहुंचे हैं। उन्हें पास की एक सड़क पर छोड़ दिया गया है। नायडू ने कहा कि फोरेंसिक और मनोवैज्ञानिकों की एक टीम गुरुवार को बच्चों से मिलने के लिए जाएगी और यह जानकारी हासिल करेगी कि उनको कौन ले गया था, कैसे रखा गया। नायडू ने कहा, “महत्वपूर्ण बात अब यह देखना है कि इस अपहरण के लिए जिम्मेदार लोगों का पता लगाने और उन्हें सफलतापूर्वक गिरफ्तार करने में हमारी मदद करने के लिए हमें उनसे क्या जानकारी मिल सकती है।” हालांकि, पुलिस ने यह जानकारी नहीं दी है कि बच्चों की रिहाई के लिए कोई फिरौती दी गई या नहीं।

इंस्टीट्यूट फॉर सिक्योरिटी स्टडीज के एक वरिष्ठ शोधकर्ता और अफ्रीका में संगठित अपराध के विशेषज्ञ मार्टिन इवी ने कहा कि इस मामले में फिरौती में जरुर ली गई होगी। उन्होंने बताया कि जब बच्चों का अपहरण किया जाता है, तो आमतौर पर अमीर परिवारों के बच्चे होते हैं। अपराधी एक बच्चे को देखेंगे, नोटिस करेंगे कि परिवार अमीर है और सोचते हैं कि यहां कुछ पैसे कमाने का मौका है।

 

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