एस-400 मिसाइल सिस्टम तय समय पर मिलेगा भारत को- पुतिन

Vladimir Putin

ब्राजीलिया : दुनिया की सबसे शक्तिशाली एस-400 मिसाइल प्रणाली भारत को तय समय पर मिलने की उम्मीद है। इस डील के खिलाफ अमेरिका ने भारत को चेतावनी दी थी कि वह इस डील को न करे,इसके बावजूद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को इस संबंध में भरोसा जताया है। भारत ने वर्ष 2015 में एस-400 ‘ट्रिम्प्फ’ को खरीदने की इच्छा जताई थी। इसके बाद पिछले साल पुतिन की भारत यात्रा के दौरान इस संबंध में 5.43 बिलियन डॉलर (40,000 करोड़ रुपए) के करार पर हस्ताक्षर हुए। पुतिन के इस बयान को बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि अमेरिका लगातार भारत पर यह दबाव डाल रहा था कि वो इस सौदे को रद्द कर दे। इस मामले में पाकिस्तान ने भी कहा था कि इससे दक्षिण एशिया में हथियारों की दौड़ तेज होगी और क्षेत्रीय असंतुलन बढ़ेगा।

मालूम हो कि रूस ने एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली की पहली खेप 2020 के अन्त तक देने की उम्मीद जताई है। भारत ने रूस को इसकी पहली किस्त के तौर पर 6000 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है।

ब्रिक्स में हुई चर्चा
ब्राजील की राजधानी में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन से इतर पुतिन ने कहा, ‘जहां तक एस-400 की डिलीवरी की बात है, तो सब कुछ योजना के अनुरूप चल रहा है। भारतीय साथी (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) ने किसी भी चीज में जल्दबाजी करने को नहीं कहा है क्योंकि सब कुछ सही चल रहा है।’ प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन के बीच बुधवार को ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान द्विपक्षीय बैठक हुई और दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा भी की।

अमेरिका ने इस डील से रोका था

अमेरिका एस-400 की डील को लेकर अपना विरोध व्यक्त कर चुका है। ट्रंप प्रशासन ने उन देशों पर पाबंदी लगाने की बात कही थी जो रूस से हथियार खरीदने की कार्रवाई करेगा। अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों ने भारत को भी इस संबंध में धमकी दी थी। इसी साल जुलाई में अमेरिका के इंडो-पैसेफिक कमांडर एडमिरल फिलिप डेविडसन ने कहा था, ‘भारत रूस से एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली खरीद रहा है, जो अमेरिका के लिए समस्या है।’

भारत यह डील करना चाहता है

भारत ने हालांकि अमेरिका को साफ कह दिया था कि डील से पीछे हटने की उसकी कोई मंशा नहीं है। जून में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने अमेरिकी समकक्ष माइक पोम्पियो से नई दिल्ली में साफ कहा था कि दूसरे देशों से संबंधों के मुद्दे पर भारत देशहित के बारे में पहले सोचेगा।

पाकिस्तान ने भी की थी खरीदने की कोशिश

पाकिस्तान ने रूस से यह सिस्टम खरीदने की कोशिश की थी। लेकिन, रूस ने तब साफ कर दिया था कि वो भारत की रक्षा जरूरतों के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाएगा। एस-400 मिसाइल सिस्टम, एस-300 का अपडेटेड वर्जन है। यह 400 किलोमीटर के दायरे में आने वाली मिसाइलों और पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों को भी खत्म कर देगा।

अमेरिका की एडवांस फाइटर को भी गिरा सकता है

एस-400 डिफेंस सिस्टम एक तरह से मिसाइल शील्ड का काम करेगा, जो पाकिस्तान और चीन की एटमी क्षमता वाली बैलिस्टिक मिसाइलों से भारत को सुरक्षा देगा। यह सिस्टम एक बार में 72 मिसाइल दाग सकता है। अमेरिका के सबसे एडवांस्ड फाइटर जेट एफ-35 को भी गिरा सकता है। वहीं, 36 परमाणु क्षमता वाली मिसाइलों को एकसाथ नष्ट कर सकता है।

 

शेयर करें

मुख्य समाचार

लाह पर बैठा है सियालदह का बैठकखाना बाजार,दिल्ली की घटना से सबक लेने की जरूरत

सन्मार्ग संवाददाता,कोलकाता : यह एक नजीर है कि जब तक कि कोई बड़ी घटना नहीं घटे तब तक प्रशासन की नींद नहीं खुलती है। अब आगे पढ़ें »

सैलरी आएगी ज्यादा, सर्विस क्लास के लिए सरकार लेने जा रही है यह अहम् फैसला

नई दिल्ली : केंद्र सरकार असंगठित क्षेत्र के लिए कई अहम् फैसले लेने जा रही है, जिससे संगठित क्षेत्र में काम कर रहे लोगों की आगे पढ़ें »

ऊपर