लगी ‘इस्लामोफोबिया’ की आग, छिड़ गया ‘बॉयकॉट फ्रांस’ का राग

– मुस्लिम दुनिया फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों से है नाराज, फांस के उत्पादनों का किया बहिष्कार

पेरिस: फ्रांस और मुस्लिम दुनिया के बीच घमासान तेज हो गया है। फ्रांस के एक टीचर की कुछ दिन पहले ईशनिंदा के नाम पर नृशंस हत्या कर दी गई थी। उसने अपने स्कूली विद्यार्थियों को पैगंबर मोहम्मद के विवादित कार्टून दिखाया था। टीचर के हत्यारे की पुलिस ने गोली मार कर हत्या कर दी।

इसके बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों अब इस्लामिक आतंकवाद संबंधी बयान को लेकर मुस्लिम देशों द्वारा ​घिर गए हैं। सऊदी अरब, कुवैत, जॉर्डन, कतर और तुर्की ने फ्रांस के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने लोगों से फ्रांस की उत्पादों का बहिष्कार करने की अपील करते हुए कई दुकानों से फ्रांस निर्मित सामान को हटा दिया है। इतना ही नहीं, पाकिस्तान और बांग्लादेश भी मुखर होकर फ्रांस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए दिखे।

बता दें कि सोमवार को तुर्की के आह्वान पर कई खाड़ी देशों ने फ्रांस के उत्पादों के बहिष्कार का ऐलान किया। कुवैत में रिटेल चेन चलाने वाले समूह ने अपनी दुकानों से फ्रांस की कंपनियों के प्रोडक्ट्स हटा लिए हैं। अरब जगत की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था रियाद में भी फ्रेंच प्रोडक्ट्स का बॉयकाट किया गया, जहां रविवार को इससे संबंधित हैशटैग ट्विटर चार्ट पर दूसरे नंबर पर रहा।

फांस को भारी नुकसान का अंदेशा
फ्रंच प्रोडक्ट्स के बॉयकाट किए जाने की वजह से फ्रांसीसी कंपनियों, जैसे ब्यूटी प्रोडक्ट, को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है क्योंकि फ्रांस के ब्यूटी प्रोडक्ट विदेशों में महंगे दामों पर बिकते हैं। बता दें कि फ्रांस निर्मित सामानों – ब्यूटी प्रोडक्ट के साथ ही डिजाइनर कपड़े और फ्रेंच वाइन, शैंपेन – की अंतरराष्ट्रीय मॉर्केट में बेहद प्रसिद्ध है। न केवल ट्विटर, बल्कि फेसबुक और व्हाट्सऐप पर भी फ्रांस के खिलाफ कैम्पेन तेजी से चलाए जा रहे हैं। अधिकांश मुस्लिम देशों में फ्रेंच उत्पादों के बहिष्कार एके मांग जोर पकड़ रही है और इस मांग का असर भी दिखाई देने लगा है।

तुर्की ने फ्रांस के खिलाफ पहले उगला जहर
तुर्की का कहना है कि फ्रांस के राष्ट्रपति ने इस्लाम का अपमान किया है जिसके जवाब में, फ्रांस सरकार ने इस अपील को कट्टरवादी सोच का नतीजा बताया। इसके बाद तुर्की से फ्रांस में अपने राजदूत को वापस बुला लिया था। दरअसल सीरिया के युद्ध से ही तुर्की और फ्रांस के बीच रिश्ते खराब हो गए थे।

पाकिस्तान भी फ्रांसीसी राष्ट्रपति के बयान को लेकर चुप नहीं बैठी। पाकिस्तान ने फ्रांस के राजदूत को तलब करते हुए अपना आधिकारिक विरोध दर्ज करवाया है। इससे पहले, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ट्वीट कर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पर इस्लामोफोबिया को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था। जिसका उन्हें फ्रांस राष्ट्रपति द्वारा कड़ाड़ा जवाब भी मिला था। वहीं, बांग्लादेश में भी फ्रांसीसी सामान के बहिष्कार का आह्वान किया गया है। धार्मिक समूह इस्लामिक यूथ मूवमेंट ने राजधानी ढाका में एक रैली का आयोजन किया और फ्रांस के साथ राजनयिक संबंध खत्म करने पर जोर दिया।

क्या है पूरा मामला
16 अक्टूबर को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का पाठ पढ़ाते हुए छात्रों को पैगंबर मोहम्मद का विवादित कार्टून दिखाने वाले टीचर सैमुअल पैटी का गला काट कर हत्या कर दी गयी। इसके बाद फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों ने टीचर सैमुएल पैटी की हत्या को ‘इस्लामी आतंकवाद’ करार देते हुए कहा कि ‘इस्लाम हमारा भविष्य हथियाने का इरादा रखता है, जो कभी नहीं होगा।’ तब से ​ लेकर अब तक यह घटना राजनीतिक रूप ले चुकी है जहां मुस्लिम देशों में फ्रांस के विरोध में प्रदर्शन कर उनके प्रोडक्ट्स के बहिष्कार का अभियान छेड़ दिया है।

बताते चलें कि मुस्लिम देशों ने फ्रांस पर नस्लवाद, इस्लामोफोबिया और फासिस्ट रवैये के आरोप लगाए गए हैं। पैगंबर मोहम्मद के कार्टूनों के मुद्दे पर पूरा मुस्लिम वर्ल्ड फ्रांस के खिलाफ लामबंद हो कर खड़ा हो गया है।

शेयर करें

मुख्य समाचार

देव दीपावली पर रोशनी में नहाया काशी

वाराणसीः स्वर्गलोक से धरती पर पधार रहे देवताओं के स्वागत को काशी पूरी तरह सज-धज कर तैयार है। देव दीपावली को लेकर यही कहा जाता आगे पढ़ें »

सावधान! दांतों में हो रही ऐसी दिक्कत तो कोरोना…

नई दिल्लीः कोरोना वायरस का इंसान के दांतों पर भी बुरा असर देखने को मिल रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, कोविड-19 की चपेट में आगे पढ़ें »

ऊपर