ईरान ने अब बिट्रेन का तेल टैंकर जब्त किया, भारतीय भी सवार

Iran Oil Tanker

लंदनः फारस की खाड़ी में तनाव बढ़ता ही जा रहा है। यह उस समय और बढ़ गया जब ईरान ने होरमुज की खाड़ी से ब्रिटेन का एक तेल टैंकर ‘स्टेना इमपेरो’ जब्त कर लिया, इसके चालक दल में भारतीय भी शामिल हैं। इससे पश्चिमी देशों और ईरान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। ज्ञात रहे कि कुछ पहले ही इंग्लैंड ने ईरान का एक तेल टैंकर जब्त कर लिया था, जिसके चालक दल में चार भारतीय भी शामिल थे। हालांकि बाद में भारतीयों को बिना शर्त जमानत दे दी गई थी। माना जा रहा है कि ईरान का यह कदम बदले की कार्रवाई से उठाया गया है। ईरान ने तब इंग्लैंड को चेतावनी भी दी थी कि उसने तेल टैंकर जब्त कर अच्छा नहीं किया है। इसके अलावा यह उसकी प्रतिक्रिया भी मानी जा रही है, जिसमें अमेरिका ने दावा किया था कि गुरुवार सुबह हॉर्मूज जलडमरूमध्य में उसके जंगी युद्धपोत ने ईरानी ड्रोन को खाड़ी में मार गिराया था। हालांकि, ईरान ने कहा था कि अमेरिका ने अपना ही ड्रोन गिराया था, उसका नहीं।

चार शिप की मदद से लिया कब्जे में

बिट्रेन के जिस कंपनी का टैंकर जब्त हुआ, उन्हाेंने बताया कि ईरान के रेवोल्यूशनरी गार्ड्स ने यूके के झंडे वाले ‘स्टेना इमपेरो’ को होरमुज की खाड़ी के अंतरराष्ट्रीय सीमा में ही हेलिकॉप्टर्स और चार जहाज की मदद से घेरा और फिर अपने कब्जे में ले लिया। वहीं स्टेना बल्क का कहना है कि जहाज सभी नियमों का पालन कर रहा था। स्टेना इमपेेरो के अध्यक्ष और मुख्य एग्जीक्यूटिव इरिक हनैल ने कहा कि जहाज के 23 क्रू सदस्यों में भारतीय, रूसी, लातवियाई और फिलिपिनो के नागरिक हैं।

कानून का उल्लंघन करने से टैंकर किया जब्त

ईरान के रेवोल्यूशनरी गार्ड ने टैंकर जब्त होने की खबर वेबसाइट के जरिये दी। उसने बताया कि बिट्रेन के टैंकर काे अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग कानून न मानने की वजह से कब्जे में लिया गया। सूत्रों के मुताबिक बिट्रेन के टैंकर को ईरान के किसी बंदरगाह पर ही रखा जाएगा। हालांकि, ब्रिटिश सरकार और जहाज कंपनी को इस बारे में कुछ पता नहीं चल पाया है।

सैन्य हमले की नहीं सोच रहे : ब्रिटेन

ब्रिटेन ने ईरान के इन हरकतों को गंभीरता से लेते हुए चेतावनी दी है। ब्रिटेन के विदेश मंत्री जेरेमी हंट ने पत्रकारों से कहा कि अगर जल्द स्थिति नहीं सुधरी तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन सैन्य विकल्प की तरफ नहीं देख रहा है, हम स्थिति को कूटनीतिक तरीके से हल करेंगे। साथ ही कहा कि ईरान में मौजूद राजदूत लगातार विदेश मंत्रालय से संपर्क में बने हैं। ब्रिटिश सरकार की आपातकालीन कमेटी कोबरा ने इस घटना पर चर्चा के लिए बैठक बुलाई। जहाज कंपनी के प्रवक्ताओं ने जहाज में सवार क्रू के सलामत होने की बात कही है।

शुरुआत तो ब्रिटेन ने की थी…

यूके और ईरान के बीच तनाव इसी महीने की शुरुआत में बढ़ा था। ब्रिटिश रॉयल मरीन ने यूरोपीय कानून तोड़ने के लिए ईरान के एक टैंकर ‘ग्रेस’ को सीरिया से तेल लेकर जाने के दौरान जिब्राल्टर से जब्त कर लिया था। इसके बाद ईरान ने भी ब्रिटेन को उसका तेल टैंकर जब्त करने की धमकी दी थी। साथ ही 10 जुलाई को कुछ ईरानी शिप ने एक टैंकर जब्त करने की कोशिश भी की, लेकिन ब्रिटिश युद्धपोत के साथ होने की वजह से उसे पीछे हटना पड़ा था। हालांकि, ईरान ने बाद में ऐसी किसी भी कोशिश से इनकार किया था।

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