‘हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत का योगदान महत्वपूर्ण’

भारत इस शताब्दी में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका का सबसे महत्वपूर्ण भागीदार

अमेरिका: भारत और अमेरिका के बीच अगले महीने 2+2 मंत्री स्तरीय होने वाली बातचीत से पहले अमेरिका के रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने मंगलवार को कहा कि भारत इस शताब्दी में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका का सबसे महत्वपूर्ण भागीदार होगा।

भारत के साथ अमेरिका के रिश्ते में घनिष्टता
एस्पर ने मंगलवार को वाशिंगटन में कहा कि वह और विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ अगले हफ्ते अपने भारतीय समकक्षों क्रमश: राजनाथ सिंह तथा एस जयशंकर के साथ 2+2 बैठक के लिये नयी दिल्ली जायेंगे। गौरतलब है कि इस 2+2 बैठक की तारीखों की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ‘अटलांटिक काउंसिल थिंक टैंक’ की ओर से आयोजित एक वेबीनार में पूछे गये सवाल के जवाब में एस्पर ने कहा, ‘विदेश मंत्री पोम्पिओ और मैं वहां अगले हफ्ते जायेंगे।

यह भारत के साथ हमारी दूसरी जबकि दोनों देशों के बीच तीसरी 2+2 बैठक होगी। यह बेहद महत्वपूर्ण है। मेरा मानना है कि भारत हमारे लिये एक बेहद महत्वपूर्ण सहयोगी साबित होगा, निश्चित रूप से इस शताब्दी में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में।’

अन्य एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र, बहुत सक्षम देश है जहां के लोग बेहद प्रतिभावान हैं। हिमालय में वे रोज चीन की आक्रामकता का सामना कर रहे हैं, खास तौर से वास्तविक नियंत्रण रेखा पर।’ एस्पर ने कहा, ‘इसलिये, उस क्षेत्र के कई अन्य देशों की तरह मैंने भी उनसे (भारत) बात की है। मैंने मंगोलिया, न्यूजीलैंड, आस्ट्रेलिया, थाईलैंड और पलाउ तक की यात्रा की है। वे भी चीन के आक्रामक स्वभाव से वाकिफ हैं।

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