अमेरिका में भारतीय राजदूत ने कहा, ट्रंप ने कभी नहीं दिया मध्यस्‍थता पर बयान

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वॉशिंगटन : अमेरिका में भारत के राज्यदूत हर्षवर्धन श्रृंगला ने सोमवार काे बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि कश्मीर पर मध्यस्‍थता का बयान उन्होंने कभी पेश ही नहीं किया था। श्रृंगला ने एक साक्षात्कार के दौरान कहा कि ट्रंप कह चुके हैं कि जम्मू-कश्मीर पर मध्यस्थता पर वह तभी हस्तक्षेप करेंगे जब भारत और पाकिस्तान इस मध्यस्‍थता के लिए उनसे कहेगा। बता दें पिछले महीने ट्रंप ने पाक के प्रधानमंत्री इमरान खान से मुलाकात के दौरान कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्‍थता के लिए कहा था। हालांकि, भारत ने ट्रंप के इस मध्यस्‍थता वाले बयान को खारिज कर दिया था।

द्विपक्षीय तरीके से निकाले मसले का हल

भारतीय राजदूत शृंगला ने बताया कि ‘अमेरिका की दशकों पुरानी परंपरा यही रही है कि वह कश्मीर मसले पर मध्यस्थता नहीं करेगा। हालांकि वह (अमेरिका) भारत-पाक को इस बात के लिए प्रोत्साहित जरूर करेगा कि दोनों देश द्विपक्षीय बातचीत कर इस मसले का हल निकाल लें।‘

अनुच्छेद 370 खत्म करना हमारा आंतरिक मामला है

शृंगला ने साक्षात्कार में यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को खत्म करना हमारा आंतरिक मामला है। यह किसी सीमा या अंतरराष्ट्रीय नियंत्रण रेखा (एलओसी) का उल्लंघन नहीं है। भारत ने नियम के अनुसार ही जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को दो अलग-अलग केंद्रशासित प्रदेश बनाया है। उन्होंने कहा कि ‘‘हमने महसूस किया है कि पिछले 70 सालों से इस राज्य में अनुच्छेद 370 के कारण कोई विकास नहीं हो सका। यही कारण है कि हमने यह फैसला लिया। हमने संविधान के तहत अस्थायी नियम बनाया है। हमारा उद्देश्य जम्मू-कश्मीर में अच्छी सरकार और सामाजिक न्याय व्यवस्था स्थापित करना है।’’

जम्मू-कश्मीर हमारा आंतरिक मुद्दा-जयशंकर

चीन के तीन ‌दिवसीय दौरे पर गए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने समकक्ष वांग यी से मुलाकात के दौरान जम्मू-कश्मीर पर लिए गए फैसले को आंतरिक मामला बताया। जयशंकर ने कहा कि अनुच्‍छेद-370 खत्‍म करने से पाकिस्तान और चीन के साथ सीमा में कोई परिवर्तन नहीं आता। भारत ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विकास के लिए यह कदम उठाया है। हमने किसी भी इलाके पर दावा नहीं किया। उन्होंने कहा कि भारत और चीन के बीच बेहतर रिश्ते बने रहें, इसके लिए हमें हर प्रकार के मतभेदों का सही तरीके से हल निकालना होगा।

गौरतलब है कि गृह मंत्री अमित शाह ने 5 अगस्त को राज्यसभा में धारा 370 खत्म करने का प्रस्ताव रखा था। इसके कुछ देर बाद ही राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अधिसूचना जारी कर जम्मू-कश्मीर के राज्य का दर्जा खत्म कर दिया गया है। अब जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश होंगे।

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