शाह कुछ महीने यहां बिताएंगे तो देख पाएंगे सांप्रदायिक सद्भाव-बांग्लादेश के विदेशमंत्री

नयी दिल्ली : नागरिकता संशोधन विधेयक पर भारत के पड़ोसी बांग्लादेश की ओर से बयान आया है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ. एके अब्दुल मोमेन ने कहा कि बांग्लादेश से बेहतर सांप्रदायिक सद्भाव वाले देश विश्वभार में बहुत कम हैं। कुछ ही महीनों के लिए हमारे देश में रहने से भारत के गृह मंत्री अमित शाह को यह बात समझ में आ जाएगी। इस विधेयक को भारत की संसद से मंजूरी मिल चुकी है। विधेयक के तहत बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से धार्मिक प्रताड़ना के चलते भारत आए गैर-मुस्लिम शरणार्थियों को भारत की नागरिकता दिए जाने का प्रावधान है। राज्यसभा में बुधवार को विधेयक पर बहस के दौरान केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने इसे अल्पसंख्यकों के हित में बताते हुए उनके उत्पीड़न, धर्म परिवर्तन और पलायन पर बात की थी।

125 वोटों से राज्यसभा में मंजूरी

मालूम हो कि भारत की उच्च सदन में बुधवार को नागरिकता संशोधन विधेयक को 125 वोटों से मंजूरी मिल गई। जब‌कि इसके विरोध में 105 वोट आए। ‌विधेयक पर करीब 8 घंटे तक राज्यसभा में बहस चली जिसमें अमित शाह ने इस विधेयक को ऐतिहासिक भूल के सुधार के लिए लाए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि अपने धर्म और बहू-बेटियों के सम्मान की रक्षा के‌ लिए जिन अल्पसंख्यकों ने भारत में शरण ली है, हमारी सरकार उन्हें नागरिकता प्रदान करेगी। वहीं, सोमवार को 14 घंटे की बहस के बाद लोकसभा में 12 बजे इस विधेयक को 311 वोटों के साथ मंजूरी मिल गई थी। जबकि इसके विरोध में 80 वोट पड़े थे।

नागरिकता के लिए 6 वर्ष देश में रहना अनिवार्य

इस विधेयक के तहत भारत के 3 पड़ोसी देशों के गैर-मुस्लिम अल्पसंख्यक शरणार्थियों (हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई) को भारत की नागरिकता पाने के लिए देश में कम से कम 6 वर्ष रहना अनिवार्य होगा। मौजूदा कानून के मुताबिक यह अवधि 11 वर्ष है जिसे संशोधित विधेयक के तहत कम कर दिया गया है। वहीं, मुस्लिमों और अन्य देशों के नागरिकों के लिए यह अवधि 11 वर्ष ही रहेगी। शाह के अनुसार इन देशों में मुस्लिम अल्पसंख्य नहीं हैं क्योंकि ये इस्लामिक देश हैं। 31 दिसंबर, 2014 के पहले बिना वैध दस्तावेजों के भारत अाए गैर-मुस्लिमों को या जिनके दस्तावेजों की वैधता समाप्त हो चुकी है उन्हें भारत की नागरिकता दिए जाने का प्रावधान है। लेकिन विदेशी मुस्लिम अगर बिना वैध दस्तावेजों के पाए जाते हैं तो उनके लिए जेल या निर्वासित किए जाने का प्रावधान ही रहेगा।

इंडियन ओसन डायलॉग में शामिल होंगे मोमेन

गौरतलब है कि बांग्लादेश के विदेश मंत्री मोमेन गुरुवार को भारत की तीन ‌दिवसीय यात्रा पर पहुंच रहे हैं। ‌दिल्ली में 13 दिसंबर को होने जा रहे छठे इंडियन ओसन डायलॉग में वे शामिल होंगे जहां हिंदी-प्रशांत क्षेत्र के महत्वपूर्ण पक्षों पर बातचीत की जाएगी। इसके अलावा वे विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे। भारतीय विदेश मंत्रालय का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस वर्ष जून में आयोजित आसियान समिट में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्वतंत्रता, खुलेपन और सुधारों के लिए प्रतिबद्धता जताई थी। इन मुद्दों पर पड़ोसी देशों के साथ इंडियन ओसन डायलॉग में चर्चा की जाएगी।

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