9/11 हमले की 18वीं बरसी पर अफगानिस्तान में अमेरिकी दूतावास पर हमला

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काबुल : अमेरिका में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर (डब्ल्यूटीसी) पर 11 सितंबर 2001 को हुए आतंकवादी हमले के 18 साल पूरे होने के दिन अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में बुधवार को अमेरिकी दूतावास पर हमला किया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ है। फिलहाल किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आधी रात के बाद मध्य काबुल में धुआं छा गया और सायरन बजने की आवाजें सुनाई देने लगीं। दूतावास के अंदर कर्मचारियों ने बताया कि परिसर पर रॉकेट से हमला किया गया है।

ट्रंप ने शांति वार्ता रद्द किया

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा तालिबानी नेताओं के साथ शांति वार्ता रद्द किए जाने के फैसले के बाद अफगानिस्तान की राजधानी में पहला बड़ा हमला है। अमेरिका-तालिबान के बीच आठ सितंबर को कैंप डेविड में वार्ता होनी थी। बता दें कि काबुल में पांच ‌सितंबर को एक कार धमाके में एक अमेरिकी सैनिक समेत 12 लोगों की मौत हुई थी, जिसकी वजह से ट्रंप ने अमेरिका-तालिबान शांति वार्ता को रद्द कर दिया था।

सात नागरिकों की मौत

गौरतलब है कि इससे पहले अफगानिस्तान के मैडन वर्दक प्रांत में रविवार को अमेरिका द्वारा किए गए एयरस्ट्राइक में 7 नागरिकों की मौत हुई थी। सूत्रों के अनुसार इस घटना के लिए प्रांत के लोगों ने अफगान सरकार से जांच की अपील की थी।

बता दें कि 11 सितम्बर 2001 को अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन के नेतृत्व में अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और पेंटागन पर भीषण आतकंवादी हमला हुआ था, जिसमें 2,983 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद अमेरिका ने मई 2011 में ओसामा बिन लादेन को मार दिया था, जिसके बाद अफगानिस्तान में तालिबान का पतन हुआ था। आपको बता दें कि 18 साल बाद भी करीब 14,000 अमेरिकी सैनिक अफगानिस्तान में तैनात हैं।

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