26/11 आतंकी हमले की बरसी पर अमेरिका का आतंकियों पर बड़ा बयान

अमेरिका बोला – ‘भारत संग आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के प्रति दृढ़’

वाशिंगटन : अमेरिका ने कहा है कि वह भारत के साथ आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के लिए दृढ़ है। साथ ही मुंबई में हुए आतंकवादी हमले के पीड़ितों को इंसाफ दिलाने के लिए दोषियों को न्याय के दायरे में लाने के लिए प्रतिबद्ध है। बता दें कि मुंबई में 26 नवंबर 2008 को भीषण आतंकवादी हमला हुआ था।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय की उप प्रवक्ता काल ब्राउन ने बुधवार को कहा, ‘मुंबई 26/11 हमले की 12वीं बरसी पर अमेरिका दोषियों को न्याय के दायरे में लाने और अमेरिका के छह नागरिकों सहित सभी पीड़ितों के लिए न्याय सुनिश्चित कराने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है। अपने भारतीय साझेदारों के साथ खड़े रहते हुए हम आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के प्रति दृढ़ हैं।’

‘न्याय के लिए इनाम’ की पेशकश

विदेश मंत्रालय ने कहा कि ‘न्याय के लिए इनाम’ कार्यक्रम इन हमलों के लिए जिम्मेदार लोगों के संबंध में सूचना देने पर 50 लाख डॉलर तक का इनाम देने की पेशकश करता है। इस बीच भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिकों ने मुंबई आतंकवादी हमले में मारे गए लोगों को बुधवार को श्रद्धांजलि अर्पित की।

आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक एकजुटता आवश्यक

न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्य दूत रणधीर जायसवाल ने इजराइली राजनयिकों के साथ 2008 के मुंबई आतंकी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए मजबूत वैश्विक सहयोग की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘कोविड-19 के समय जिस तरह पूरी दुनिया इस महामारी से एकजुट हो कर लड़ रही है, उसी तरह हमें आतंकवाद से लड़ने के लिए एकजुट होना चाहिए जो एक वैश्विक समस्या है। इस मौके पर हम उन लोगों को याद करें जो आतंकी हमले में लहुलुहान हुए और जिन्होंने हमारा आज और हमारा कल बचाने के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी।’

अमेरिकन इंडिया पब्लिक अफेयर्स कमेटी और अमेरिकी यहूदी समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में जायसवाल ने 26/11 के हमलों को ‘इतिहास का सबसे भयानक हमला’ बताया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद दुनिया के सामने मौजूद सबसे बड़े खतरों में से एक है।

क्या है 26/11 मुंबई हमला

गौरतलब है कि पकिस्तानी आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के दस आतंकवादियों ने पूरे मुंबई में चार दिन तक 12 आतंकवादी हमलों को अंजाम दिया था। 26 नवंबर 2008 को हुए इन हमलों में छह अमेरिकियों और नौ आतंकवादियों सहित कम से कम 166 लोग मारे गए थे और 300 से अधिक लोग घायल हुए थे। ताजमहल होटल, ओबेरॉय होटल, लियोपोल्ड कैफे, नरीमन (चबाड) हाउस और छत्रपति शिवाजी टर्मिनस रेलवे स्टेशन आदि को निशाना बनाया गया था।

शेयर करें

मुख्य समाचार

ममता बनर्जी पर तंज – बंगाल के लोग अब चप्पल नहीं जूते पहनना चाहते हैं

कोलकाता : बंगाल के भाजपा प्रमुख दिलीप घोष ने तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए कहा कि राज्य के लोग हवाई चप्पल नहीं आगे पढ़ें »

गणतंत्र दिवस : राजभवन में ‘चाय पर मुलाकात’ कार्यक्रम, ममता बनर्जी भी पहुंची

कोलकाता : गणतंत्र दिवस के मौके पर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ की ओर से राजभवन में 'चाय पर मुलाकात’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आगे पढ़ें »

ऊपर