अफगानिस्तान में दवा कंपनी पर अमेरिकी हमलों में 30 नागरिकों की मौत : संरा रिपोर्ट

dron attack

काबुल : संयुक्त राष्ट्र की एक एजेंसी ने बुधवार को अपनी एक रिपोर्ट में बताया कि पश्चिम अफगानिस्तान में नशीली दवाइयां बनाने वाली कई कंपनियों पर पांच महीने पहले हुए अमेरिकी हमलों में कम से कम 30 आम नागरिकों की मौत हो गई थी जबकि अमेरिका ने इन निष्कर्षों से असहमति जताई। ‘अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन’ (यूएनएएमए) ने चार महीने तक जांच की कि 5 मई को क्या हुआ था जब अमेरिकी सेना ने दर्जनों स्थलों पर बमबारी की थी, जिनकी पहचान अमेरिका ने तालिबान के मेथांफेटामाइन प्रयोगशालाओं के रूप में की थी।

हमले वाले स्थलों का किया दौरा
यूएनएएमए ने कहा कि फराह प्रांत के बक्वा जिले और नीमरोज प्रांत में सीमावर्ती देलाराम जिले के कुछ हिस्सों में हमले के तुरंत बाद उसे ‘गंभीर असैन्य क्षति’ की खबरें मिलनी शुरू हो गईं थी। तथ्यान्वेषी मिशन ने हमले का निशाना बने कुछ स्थलों का दौरा किया और हमले से प्रभावित हुए 21 लोगों के साथ साक्षात्कार किया। इसके बाद एक बयान में, यूएनएएमए ने कहा कि उसने 5 मई के हवाई हमलों में 14 बच्चों और एक महिला सहित 39 आम नागरिकों के हताहत होने का सत्यापन किया है। उनमें से 30 की मौत हो चुकी है, पांच घायल हैं और चार का अभी तक पता नहीं चल पाया है।

कुछ और लोगों के मरने की सूचना
एजेंसी ने कहा कि उसने 30 अन्य लेगों के मरने की ‘भरोसेमंद सूचना’ मिली है और वह इन दावों के सत्यापन के लिए काम कर रही है। इन 30 अन्य लोगों में ज्यादातर औरतें और बच्चे हैं। यूएस फोर्सेज-अफगानिस्तान ने यूएनएएमए की रिपोर्ट को खारिज करते हुये एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया है। उसने दावा किया कि उसका हमला सटीक था और मेंथ प्रयोगशालाओं को ठीक-ठीक निशाना बनाया गया था।

प्रयोगशालाओं का संचालन तालिबान द्वारा
यूएनएएमए ने अपनी रिपोर्ट में इसपर सवाल किया कि नशीली दवाओं के कारखाने का स्वामित्व और संचालन आपराधिक समूहों द्वारा किया जाता है। इस तरह वे ‘अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत वैध सैन्य उद्देश्य की परिभाषा पूरा नहीं करते।’ बहरहाल, अमेरिका का कहना है कि प्रयोगशालाओं का संचालन तालिबान द्वारा किया जाता था, जो इससे अर्जित धन का इस्तेमाल निर्दोष अफगानों के खिलाफ अंधाधुंध हिंसा के लिए करता है।

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