ब्रिटैन में भारतीय मूल के 23 वर्षीय युवक को मिली उम्र कैद की सजा

लंदन: ब्रिटेन में पूर्व प्रेमिका की हत्या के जुर्म में भारतीय मूल के 23 वर्षीय एक व्यक्ति को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है। हत्या के बाद उसने खुद थाने जाकर अपना जुर्म कुबूल किया था। जिगु कुमार सोर्थी को कम से कम 28 साल जेल की सलाखों के पीछे गुजारने होंगे जिसके बाद उसकी पैरोल पर विचार किया जाएगा। उसे 21 वर्षीय भाविनी प्रवीण की हत्या का दोषी पाया गया है।

दोषी ने मार्च में लीसेस्टर स्थित प्रवीण के घर पर चाकू घोंपकर उसकी हत्या कर दी थी। लीसेस्टर क्राउन अदालत में सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति टिमोथी स्पेंसर ने सोर्थी से कहा, ‘यह एक भयावह, क्रूर और बेरहमी से की गई हत्या थी। तुमने एक खूबसूरत, प्रतिभावान और कम उम्र की युवती की जान ले ली, जो सिर्फ 21 साल की थी।’ इस महीने के शुरू में हत्या के मुकदमे के दौरान जूरी को बताया गया कि प्रवीण ने सोर्थी से शादी नहीं करने का मन बनाया था जिसके बाद वह ठगा सा महसूस कर रहा था। वह दो मार्च को प्रवीण के घर गया और कुछ मिनट बातचीत करने के बाद सोर्थी ने प्रवीण पर चाकू से हमला कर दिया और उसे कई बार चाकू मारा। इसके बाद वह घर से चला गया। घटना के बाद पुलिस और एंबुलेंस कर्मियों को बुलाया गया लेकिन उन्होंने युवती को मृत घोषित कर दिया। घटना के करीब दो घंटे बाद सोर्थी स्पिनी हिल थाने के बाहर एक अधिकारी के पास पहुंचा और प्रवीण की हत्या करने का जुर्म कुबूल किया।

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