पर्यावरण के बाद अब सेशेल्स के राष्ट्रपति ने समुद्र बचाने की अपील की

विक्टोरियाः विश्वभर के नेता पर्यावरण को बचाने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं, लेकिन अब इस कड़ी में सेशेल्स के राष्ट्रपति ने अब समुद्र बचाने का आह्वान किया है। राष्ट्रपति डैनी फॉरे ने पनडुब्बी में बैठकर स्पीच दी। फॉरे ने ग्लोबल वॉर्मिंग खतरों से आगाह करते हुए कहा कि कई द्वीपों पर आने वाले वक्त में संकट खड़ा हो सकता है।
उन्होंने कहा कि इस गहराई में मैं हतप्रभ करने वाले समुद्री जीवन को देख रहा हूं। इसे संरक्षित किए जाने की जरूरत है। पारिस्थितकी तंत्र को नुकसान पहुंचाए जाने का खामियाजा सदियों को भुगतना पड़ेगा। सालों से हमने खुद ही समस्याएं पैदा की हैं। अब इन्हें सुलझाना होगा।
मौजूदा वक्त में महासागरों का केवल 5% हिस्सा ही संरक्षित है। कई देशों ने 2020 तक इस क्षेत्र को 10% बढ़ाने पर सहमति जताई है। विशेषज्ञों और पर्यावरणविदों का कहना है कि देशों की क्षेत्रीय सीमा के पास स्थित 30% से 50% महासागरों में समुद्री जैव विविधता सुनिश्चित करना चाहिए।
हिंद महासागर में स्थित द्वीपीय देश है सेशेल्स
फॉरे ने यह स्पीच ब्रिटेन की अगुआई वाले एक वैज्ञानिक अभियान के दौरान दी। उनके मुताबिक- “यह हमारा सबसे बड़ा मुद्दा है। इसे हल करने के लिए हम अगली पीढ़ी का इंतजार नहीं कर सकते। हम कोई भी कार्रवाई न करने और समय से भाग रहे हैं। समुद्र सतह की बजाय हमारे पास मंगल ग्रह का बेहतर नक्शा है।” दुनिया के दो-तिहाई हिस्सा महासागरों से घिरा है। सेशेल्स हिंद महासागर में स्थित द्वीप समूह है। इसमें 115 द्वीप हैं। इसकी राजधानी विक्टोरिया है। यह अफ्रीकी मुख्यभूमि से लगभग 1500 किमी दूर पूर्व में स्थित है। इसके पश्चिम में जंजीबार, दक्षिण मे मॉरीशस और रीयूनियन, दक्षिण-पश्चिम मे कोमोरोस द्वीर और उत्तर-पूर्व में मालदीव स्थित है। यहां की आबादी करीब 95 हजार है जो किसी भी अफ्रीकी देश में सबसे कम है।

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