सूडान : धरने पर बैठे लोगों पर गोलीबारी, 30 की मौत

खारतूम : सूडान में कई सप्ताह से सेना मुख्यालय के बाहर धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों पर वहां के सैन्य शासकों ने सोमवार को हिंसक कार्रवाई की। लोगों को खदेड़ने के लिए की गई गोलीबारी में 30 प्रदर्शनकारी मारे गए और सैकड़ों घायल हो गए। वहीं सूडान की ट्रांजिशनल मिलिट्री काउंसिल (टीएमसी) प्रमुख अब्देल फतह अब्देलरहमान बुरहान ने मंगलवार को कहा कि वे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई हिंसा की जांच करेंगे।
तत्काल मदद उपलब्ध कराने का आग्रह
सूडान के डॉक्टरों की केंद्रीय समिति ने बताया कि मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 30 से अधिक हो गई है। उन्होंने बताया कि ‘‘सैकड़ों लोग घायल हैं।’’ समिति ने बताया कि मृतकों में आठ साल का बच्चा भी शामिल है। वहीं समिति ने रेडक्रॉस और अन्य मानवीय एजेंसियों से घायलों को तत्काल मदद उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।
सत्ता असैन्य हाथों में सौंपने का आह्वान
अमेरिका और ब्रिटेन ने प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग नहीं करने और राष्ट्रपति उमर अल बशीर को अपदस्थ करने वाले जनरलों से सत्ता असैन्य हाथों में सौंपने का आह्वान किया है।
लोकतंत्र समर्थकों पर बल प्रयोग की निंदा
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सूडान में लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों पर सेना की ओर से किए गए बल प्रयोग की कड़ी निंदा करते हुए शांतिपूर्ण प्रक्रिया के तहत बातचीत शुरू करने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख के प्रवक्ता ने एक वक्तव्य जारी कर कहा, ‘‘ महासचिव एंटोनियो गुटेरेस प्रदर्शनकारियों पर सेना के बल प्रयोग और हिंसा की कड़ी निंदा करते हैं। ’’ उन्होंने उन रिपोर्टों पर भी चिंता व्यक्त की है जिसमें कहा गया है कि सूडान की सेना ने अस्पतालों और चिकित्सा सुविधा केन्द्रों पर भी गोलीबारी की है।
नौ माह के भीतर आम चुनाव भी कराये जायेंगे
सूडान की ट्रांजिशनल मिलिट्री काउंसिल (टीएमसी) ने नौ माह के भीतर देश में आम चुनाव कराने का आह्वान किया है। टीएमसी के प्रमुख अब्देल फतह अब्देलरहमान बुरहान ने मंगलवार को राष्ट्रीय टेलीविजन चैनल पर अपने संबोधन में कहा, ‘‘मैं शांतिपूर्ण राजनीतिक प्रक्रिया के तहत नयी सरकार के गठन के लिए हुई बातचीत के विफल होने की घोषणा करता हूं, इसके अलावा नौ माह के भीतर आम चुनाव भी कराये जायेंगे।’’
सत्ता हासिल करने का केवल एक ही तरीका
बुरहान ने कहा कि सूडान में सत्ता हासिल करने का केवल एक ही तरीका है और वह है बैलेट बॉक्स। उन्होंने कहा कि सेना के अधिकारी सोमवार को हुई हिंसा की जांच करेंगे जिसमें सुरक्षाबलों ने लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों पर बल का प्रयोग किया था।
अर्धसैनिक बल के जवान सड़कों पर तैनात
बता दें कि सैन्य परिषद ने अपने बलों द्वारा सेना मुख्यालय के सामने धरने पर बैठे लोगों को हिंसक तरीके से वहां से हटाने से इनकार किया है। वहीं भारी हथियारों से लैस अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फोर्सेज के जवान बड़ी संख्या में राजधानी की सड़कों पर तैनात किये गए हैं। गाड़ियों पर मशीनगनों के साथ तैनात जवान अहम पुलों और प्रवेश मार्गों पर निगरानी कर रहे हैं।

गौरतलब है कि सूडान में कई महीनों से सरकार विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं, जिसके बाद 11 अप्रैल को हुए सैन्य तख्तापलट के बाद सत्ता में आई टीएमसी ने दो वर्ष के भीतर देश में चुनाव कराने की बात कही थी।  सैन्य तख्तापलट में पिछले 30 वर्षों से सूडान की सत्ता पर काबिज राष्ट्रपति उमर बशीर को सत्ता से बेदखल कर जेल भेज दिया गया है। सूडान में लोग सेना से नयी सरकार के गठन की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

शेयर करें

मुख्य समाचार

ट्रॉली बांधकर इंग्लैंड से नेपाल दौड़कर जा रही है यह बुजुर्ग महिला

इस्तांबुल : ब्रिटेन की रहने वाली 73 वर्षीय रोजी स्वेल पोप इंगलैंड से नेपाल दौड़कर जा रही हैं। रोजी दान के जरिए भूकंप पीड़ितों की आगे पढ़ें »

नुसरत की इस दिल को छू लेने वाली तस्वीर को किया गया बेहद पसंद

कोलकाता : मशहूर टॉलीवुड अभिनेत्री और पश्चिम बंगाल की बशीरहाट सीट से तृणमूल कांग्रेेस की सासंद नुसरत जहां ने साेमवार को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर आगे पढ़ें »

ऊपर