श्रीलंका आतंकी हमले में नेशनल तौहीद जमात का हो सकता है हाथ

कोलंबोः ईस्‍टर के दिन श्रीलंका में हुए आतंकी हमले 290 लोगों की मौत हो गई। इस हमले में पुलिस का शक अब नेशनल तौहीद जमात के इर्द-गिर्द घूम रही है। हमले के बाद श्रीलंका में एहतियातन सोशल नेटवर्किंग साइट्स को फिलहाल बंद कर दिया है। यह सब कुछ किसी भी तरह की झूठी खबरों को फैलाने से रोकने के लिए किया गया है।
मृतकों में 33 विदेशी हैं जिनमें चार भारतीय भी शामिल हैं। इन हमलों में करीब 500 लोग घायल भी हुए हैं। इसे श्रीलंका के इतिहास में सबसे भयावह हमला माना जा रहा है। इस मामले में अब तक 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अमेरिका ने रविवार को हुए हमलों के बाद अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें आशंका जताई गई है कि श्रीलंका में फिर आतंकी हमले हो सकते हैं।
शक की दो बड़ी वजह
इन हमलों की अभी तक किसी ने जिम्‍मेदारी नहीं ली है, लेकिन इनके पीछे नेशनल तौहीद जमात संगठन को जिम्मेदार माना जा रहा है। इसके पीछे दो वजह हैं। पहली वजह ये है कि श्रीलंका के खुफिया विभाग ने इन हमलों को लेकर पहले ही अलर्ट जारी कर दिया था। इंटेलिजेंस रिपोर्ट के मुताबिक यह संगठन कई जगहों पर हमले करने की साजिश रच रहा था। इसके अलावा दूसरी बड़ी वजह इन हमलों का तरीका है। यह हमले 2016 में बांग्लादेश के ढाका में होली आर्टिसन बेकरी से भी मेल खाते हैं। हालांकि, इन हमलों को बांग्‍लादेश के ही स्‍थानीय आतंकियों ने अंजाम दिया था।
क्या है तौहीद जमात संगठन
नेशनल तौहीद जमात एक इस्लामिक चरमपंथी संगठन है। इसकी मौजूदगी श्रीलंका के पूर्वी प्रांत में ज्यादा है। यह संगठन कट्टरपंथी संदेश और वहाबी विचारधारा के प्रचार-प्रसार के लिए भी जाना जाता है। इसके अलावा यह महिलाओं को बुर्का पहनने और मस्जिदों के निर्माण के साथ शरिया कानून का भी हिमायती है। इस संगठन का नाम पहली बार 2013 में सामने आया था। उस वक्‍त श्रीलंका के रक्षा मंत्री ने इसके तार आइएस (इस्लामिक स्टेट) से जुड़े होने की बात कही थी। इसके अलावा इस संगठन का सचिव जिसका नाम अब्दुल रैजिक है अपने भड़काऊ बयानों के लिए जाना जाता है। उसने ही वर्ष 2014 में बौद्ध धर्म को लेकर बेहद आपत्तिजनक बयान दिए थे। इसको लेकर संयुक्‍त राष्‍ट्र तक को पत्र भी लिखे गए थे। 2016 में अब्‍दुल के विवादास्‍पद बयानों की वजह से उसको पहली बार गिरफ्तार किया गया था। इस संगठन पर इससे पहले भी हिंसा भड़काने का आरोप लग चुका है। इस संगठन ने पिछले साल बौद्ध मूर्तियों को भी नुकसान पहुंचाया था। जिसकी वजह से बौद्ध और मुस्लिमों के बीच तनाव बढ़ गया था। भारत की बात करें तो इसको एक धड़ा भारत के तमिलनाडु में सक्रिय है।

शेयर करें

मुख्य समाचार

dharmendra pradhan

रांची और जमशेदपुर में शुरू होंगे 22 सीएनजी स्टेशन

रांची : गैस विपणन क्षेत्र की अग्रणी कंपनी भारतीय गैस प्राधिकरण (गेल) ने गुरुवार को कहा कि आगामी वर्षों में 1.25 लाख से अधिक वाहनों आगे पढ़ें »

ANANT-SINGH

बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने दिल्ली में किया सेरंडर

पटना : बिहार के मोकामा से बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने शुक्रवार को दिल्ली के साकेत कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। बता दें कि आगे पढ़ें »

ऊपर