मालदीव और भारत के बीच यात्री जहाज चलाने को मिली मंजूरी

माले : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मालदीव यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच पहली बार एक यात्री और मालवाहक जहाज चलाने पर सहमति बनी। मालूम हो कि शनिवार को मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम सोलेह और पीएम मोदी ने भारत द्वारा निर्मित तटीय निगरानी रडार प्रणाली और मालदीव्स नेशनल डिफेंस फोर्स के प्रशिक्षण परिसर का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया था।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
दोनों देशों के बीच चलने यह वाले यात्री और मालवाहक जहाज से आपसी संबंधों में मजबूती आएगी साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। यह जहाज भारतीय राज्य केरल के कोच्चि से मालदीव की राजधानी माले के बीच चलेंगे।
सम्मानित किए गए मोदी
मोदी के दूसरी बार प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद पहली विदेश यात्रा पर मालदीव पहुंचने पर वहां के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोेलेह ने उन्हें निशान इज्जुद्दीन से सम्मानित किया। मोदी को मिला यह सम्मान विदेशी प्रतिनिधियों को दिया जाने वाला मालदीव का सबसे बड़ा सम्मान है। मोदी ने मालदीव अपनी मालदीव यात्रा के दौरान वहां की संसद मजलिस को भी संबोधित किया।
आतंकवाद विश्व की सबसे बड़ी चुनौती
मोदी ने आतंकवाद को दुनिया के देशों के लिए सबसे बड़ा खतरा बताते कहा कि “लोग अभी भी गुड टेररिज्म और बैड टेररिज्म का भेद करने की गलती कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पानी अब सर से ऊपर निकल रहा है।” मोदी ने आतंकवाद की चुनौती से भली प्रकार से निपटने के लिए मानवतावादी शक्तियों से एकजुट होने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने कहा कि आतंकवाद से निपटना विश्व नेतृत्व की सबसे बड़ी चुनौती है। मोदी ने आतंकवाद के विषय पर विश्वव्यापी सम्मेलन के आयोजन की भी बात कही।
द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर वार्ता
मोदी और सोलेह ने रक्षा और समुद्री सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के लिए व्यापक वार्ता की। दोनों देशों ने भारतीय नौसेना और मालदीव राष्ट्रीय रक्षा बल के बीच ‘व्हाइट शिपिंग’ सूचनाएं साझा करने के लिए एक तकनीकी समझौते पर भी हस्ताक्षर किए। उल्लेखनीय है कि ‘व्हाइट शिपिंग’ समझौते के तहत दो देश एक-दूसरे के समुद्री क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों के बारे में दोनों देशों की नौसेना के बीच सूचना का आदान-प्रदान करते हैं।
समुद्री रेशम मार्ग परियोजना के लिए मालदीव महत्वपूर्ण
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि “प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति सोलेह ने संयुक्त रूप से मफीलाफुशी में मालदीव राष्ट्रीय रक्षा बल के समग्र प्रशिक्षण संस्थान और तटीय निगरानी रडार प्रणाली का उद्घाटन किया।” दरअसल यह रडार प्रणाली ‌इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि चीन हिंद महासागर में अपनी समुद्री रेशम मार्ग परियोजना के लिए मालदीव को महत्वपूर्ण मानता है। रेशम मार्ग परियोजना के लिए चीन पहले ही श्रीलंका में हंबनटोटा बंदरगाह और अफ्रीका के पूर्वी छोर पर स्थित जिबूती पर अपना प्रभाव कायम कर चुका है।

बता दें कि सेशल्स, मॉरीशस और श्रीलंका में पहले से ही भारत की इस रडार प्रणाली का पुराना संस्करण लगा हुआ है।

शेयर करें

मुख्य समाचार

हुगली में हथियारों सहित कुख्यात टोटन समेत 2 गिरफ्तार

कार्बाइन, पिस्तौल व पाइपगन बरामद, टोटन के खिलाफ हत्या के 9 मामले हुगली : चंदननगर कमिश्नरेट की पुलिस ने अत्याधुनिक हथियारों के साथ हुगली जिले के आगे पढ़ें »

बेटी ने पति के साथ मिल कर मां को मार डाला

बेटी के विलासितापूर्ण जीवन के शौक में मां बन गई थी रोड़ा शव को ट्रॉली बैग में छिपाकर ले जाने की कोशिश पर्णश्री क बासुदेवपुर रोड की आगे पढ़ें »

ऊपर