भारत और चीन के बीच हालात पर करीब से नजर रख रहे हैं: अमेरिका

वाशिंगटन : अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अमेरिका पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन की सेनाओं के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद स्थिति पर करीब से नजर रख रहा है और वह उम्मीद करता है कि विवाद को शांतिपूर्ण ढंग से हल कर लिया जाएगा। विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा,‘वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत और चीन की सेनाओं के बीच हालात पर हम करीब से नजर रख रहे हैं।’ उन्होंने कहा,‘भारतीय सेना ने घोषणा की है कि उसके 20 सैनिक मारे गए हैं। हम उनके परिजन के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं।’

दोनों ही देशों ने तनाव कम करने की इच्छा जताई

प्रवक्ता ने कहा कि भारत और चीन दोनों ही देशों ने तनाव कम करने की इच्छा जताई है और अमेरिका वर्तमान हालात के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करता है। उन्होंने कहा,‘‘ (अमेरिका के) राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच दो जून 2020 को फोन पर हुई बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने भारत और चीन सीमा के हालात पर चर्चा की थी।’’ गौरतलब है कि पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में सोमवार रात चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में भारतीय सेना के एक कर्नल सहित 20 सैनिक शहीद हो गए। पिछले पांच दशक से भी ज्यादा समय में इस सबसे बड़े सैन्य टकराव के कारण दोनों देशों के बीच सीमा पर पहले से जारी गतिरोध की स्थिति और गंभीर हो गई है।

कम से कम 35 चीनी बलों की हुई मौत

भारतीय सेना ने शुरू में मंगलवार को कहा था कि उसके एक अधिकारी और दो सैनिक शहीद हुए है, लेकिन बाद में देर शाम बयान में कहा गया कि 17 अन्य सैनिक ‘जो अत्यधिक ऊंचाई पर शून्य से नीचे तापमान में गतिरोध के स्थान पर डूटी के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गए थे, उन्होंने दम तोड़ दिया है। इससे शहीद हुए सैनिकों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है।’ चीनी विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने चीन की ‘पीपल्स लिबरेशन आर्मी’ (पीएलए) के जवानों के हताहत होने के संबंध में चुप्पी साध रखी है। हालांकि, चीन में सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के समाचार पत्र ‘ग्लोबल टाइम्स’ के संपादक हु शिजिन ने ट्वीट किया कि चीनी पक्ष के जवान भी हताहत हुए हैं। ‘यूएस न्यूज’ की खबर के अनुसार एक वरिष्ठ अधिकारी समेत कम से कम 35 चीनी बलों की भारतीय जवानों के साथ हिंसक झड़प में मौत हो गई।

शत्रुओं को साहस मिलने का भय

खबर में सूत्रों के हवाले से सोमवार को बताया गया, ‘अमेरिका (की खुफिया सूचना) के आकलन के अनुसार चीन सरकार अपने सशस्त्र बलों के हताहत होने को सेना के लिए शर्म की बात मानती है और उसने इस डर से संख्या की पुष्टि नहीं की हैं क्योंकि उसे इससे शत्रुओं को साहस मिलने का भय है।’ इस बीच, अमेरिकी सीनेटर मार्शा ब्लैकबर्न समेत कई अमेरिकी विशेषज्ञों ने कहा है कि चीनी सेना की आक्रामक गतिविधियां पूरे क्षेत्र के लिए खतरा हैं।

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