पुरानी राह पर किम जोंग, अपनी मौजूदगी में करवाया गाइडेड वेपन का परीक्षण

प्योंगयांगः तमाम कोशिशों के बावजूद दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। उत्‍तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन फिर से पुरानी राह पर चल पड़े है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ दो दौर की वार्ता के बाद भी राहत पैकेज ना मिलने के कारण झल्लाकर अपने मनमाने राह पर चल पड़े है। कोरियन एजेंसी के मुताबिक बुधवार को उत्‍तर कोरिया ने गाइडेड हथियार का परिक्षण किया। एजेंसी का कहना है कि किम मौके पर मौजूद थे। उन्होंने परीक्षण करने वाली टीम का हौसला भी बढ़ाया। हालांकि, इसमें यह नहीं बताया गया कि हथियार किस तरह का था।

परीक्षण स्‍थल पर मौजूद थे किम

नवंबर 2018 के बाद यह पहली घटना है जब उत्तर कोरिया का तानाशाह किम किसी हथियार के परीक्षण को देखने खुद मौजूद रहे। एक दिन पहले ही उन्होंने एयर फोर्स यूनिट का दौरा किया था। स्‍थानिय मीडिया के मुताबिक, किम जोंग के हवाले से बताया है कि तानाशाह ने इसे बेहद अहम क्षण बताया। उनका दावा है कि सैन्य ताकत को बढ़ाने की दिशा में यह परीक्षण कारगर होगा।

हथियारों के मामले में आत्मनिर्भर बनाना चाहते है

किम का कहना है था कि हमारे वैज्ञानिक, इंजीनियर्स और लेबर वास्तव में महान हैं। वे चाहें तो किसी भी हथियार का निर्माण करने में सक्षम हैं। एजेंसी का कहना है कि किम आब्जर्वेशन पोस्ट पर मौजूद थे और हथियार का निर्माण करने वाली टीम का हौसला बढ़ा रहे थे। सूत्रों का कहना है कि किम उत्तर कोरिया को हथियारों के मामले में पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनाना चाहते हैं।

अमेरिकी मंत्रालय ने नकारी परीक्षण की बात

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उसकी उत्तरी कमांड को ऐसी कोई मिसाइल नहीं दिखी, जिसे प्योंगयांग से परीक्षण के लिए दागा गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि हो सकता है कि यह कोई नई विकसित छोटी रेंज की गाइडेड या फिर क्रूज मिसाइल हो। उन्होंने आशंका जताई है कि अमेरिका के साथ वार्ता विफल होने के बाद उत्तर कोरिया कोई संदेश देना चाहता हो।

अमेरिकी सुरक्षा सलाहकार ने किम को दी धमकी

ट्रंप के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने हाल ही में चेतावनी दी है अगर वो अपना परमाणु कार्यक्रम पर लगाम नहीं लगाते तो मुझे लगता है कि राष्ट्रपति ट्रंप की राय है कि उत्तर कोरिया को ऐसे प्रतिबंधों से राहत नहीं मिलने वाली है, इनसे उनकी अर्थव्यवस्था चरमरा जाएगी। इतना ही नहीं, हम उन पर और नए प्रतिबंध लगाने के बारे में भी विचार करेंगे।

गौरतलब है कि वियतनाम में हुई हनोई शिखर वार्ता के नाकाम रहने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर उत्तर कोरिया ने एक सेटेलाइट साइट का नए सिरे से निर्माण किया तो उन्हें उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग से बहुत निराश होंगी।

बता दें कि उत्तर कोरियाई अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल के योंगब्योन प्लांट में नई गतिविधियों का पता चलने कि बाद से ही तनाव बढ़ने की खबरें आती रही हैं। इस प्लांट में उत्तर कोरिया की पहली इंटर कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) का उत्पादन होता रहा है।

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