पाक ने हाफिज सईद को गुपचुप जेल से निकाला

नई दिल्लीः लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ओर से प्रतिबंधित आतंकी सरगना हाफिज सईद जेल की सजा नहीं काट रहा है, बल्कि लाहौर के जोहर टाउन स्थित घर में ठाठ से रह रहा है और वहीं से टेरर फैक्ट्री चला रहा है। इस मामले से अवगत अधिकारियों ने यह जानकारी दी है। सईद को आधिकारिक रूप से जुलाई 2019 में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद इस साल फरवरी में टेरर फाइनेंसिंग केस में उसे 10 साल छह महीने जेल की सजा सुनाई गई। इसे अमेरिका की ओर से एक अहम कदम बताया गया था। पिछले सप्ताह दो अन्य मामलों में उसे सजा सुनाई गई है। हाफिज सईद की गिरफ्तारी और दोषी करार दिए जाने को इमरान खान सरकार की ओर से फाइनेंशल एक्शन टास्क फोर्स द्वारा ब्लैक लिस्ट किए जाने से बचने के प्रयास के रूप में देखा गया। हालांकि, भारतीय खुफिया एजेंसियों के इनपुट के मुताबिक, हाफिज सईद लाहौर के कोट लखपत जेल में नहीं है। एक अधिकारी ने कहा, ”वह अधिकतर घर पर ही रहता है। वह ऐसी कस्टडी में है कि घर पर मेहमान भी उससे मुलाकात कर सकते हैं।”
इंटेलिजेंस इनपुट के मुताबिक पिछले महीने सईद के घर जकी-उर रहमान लखवी भी पहुंचा था जोकि लश्कर-ए-तैयबा के जिहाद विंग का ऑपरेशनल कमांडर है। बताया जा रहा है कि इस बैठक का अजेंडा जिहाद के लिए फंड जुटाने पर केंद्रित था। सईद की तरह लखवी भी यूएनएससी की ओर से प्रतिबंधित है और 26/11 मुंबई आतंकी हमले का साजिशकर्ता है। अंतरराष्ट्रीय दबाव में पाकिस्तान में उसे कई बार गिरफ्तार तो किया गया लेकिन हाफिज सईद की तरह सबूत के अभाव में छोड़ दिया गया। भारतीय अधिकारियों ने कहा कि यह लखवी ही था जिसने 26/11 हमलों से पहले भारत में रेकी के लिए पाकिस्तान में जन्मे अमेरिकी नागरिक डेविड हेडली को राजी किया और उसे गाइड किया।

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