शिखर वार्ता में यह संस्‍था उठाएगी किम जोंग के होटल का बिल

सोलः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग के बीच 12 जून को मुलाकात सिंगापुर में होगी। प्रेस सचिव सारा सेंडर्स ने बताया कि सिंगापुर में एक टीम इस मुलाकात का सारा इंतजाम कर रही है। वहीं, किम जोंग उन ने सम्मेलन में अपने होटल का खर्च उठा पाने में असहमति जता दी है, लेकिन अब यह खर्चा अंतरराष्ट्रीय अभियान नामक संस्‍था चुका सकती है। सारा ने यह भी बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस बैठक से पहले हर दिन सुरक्षा से जुड़ी जानकारी ले रहे हैं।
इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग की मुलाकात की तिथि निर्धारित नहीं थी। इसके लिए उत्तर कोरिया के वरिष्ठ अधिकारी किम योंग चोल ने दोनों देशों के नेताओं के बीच बैठक के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। किम के होटल का बिल चुकाने के विवादों के बीच ट्रंप-किम के ऐतिहासिक सम्मेलन का खर्चा उठाने के लिए एक परमाणु-रोधी समूह ने पेशकश की है। इस परमाणु रोधी समूह को पिछले साल नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
किम ने होटल का खर्च उठाने में असहमति जताई
ट्रंप और किम के बीच 12 जून को सिंगापुर में ऐतिहासिक सम्मेलन होने वाला है। किम ने अपने होटल का खर्च उठा पाने में असहमति जता दी है। होटल के रूप में किम की पहली पसंद पांच सितारा फुलर्टान होटल है। अमेरिका किम के होटल का बिल चुकाने को तैयार है लेकिन उसे डर है कि गरीब लेकिन आत्मसम्मान वाला देश उत्तर कोरिया कहीं इसका बुरा ना मान जाए। परमाणु हथियारों को समाप्त करने हेतु अंतरराष्ट्रीय अभियान (आईसीएएन) नामक संस्था ने कहा कि किम के दल को आर्थिक समर्थन देकर वह इस मुद्दे का समाधान करना चाहती है।
संस्‍था अपनी इनामी राशि का एक हिस्सा खर्च करेगी
संस्था पिछले साल नोबेल शांति पुरस्कार के रूप में मिले 11 लाख डॉलर की नकद राशि के एक हिस्से को इसके लिए खर्च करेगी। जापान में आईसीएएन के प्रतिनिधि अकीरा कावासाकी ने कहा कि हम सम्मेलन के लिए होने वाले खर्च में सहायता करने को तैयार है जिसमें होटल और सम्मेलन स्थल का खर्च शामिल होगा। उन्होंने कहा कि अगर आर्थिक कारणों से सम्मेलन आयोजित करने में कोई समस्या है तो हम सम्मेलन का खर्च उठाने को तैयार हैं। यह एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक मुलाकात है। हालांकि कावासाकी ने आर्थिक सहायता राशि का खुलासा करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि कोरियाई प्रायद्वीप में शांति का समर्थन करने और परमाणु हथियार-मुक्त दुनिया के लिए हम नोबेल पुरस्कार राशि के एक हिस्से को लगाएंगे।

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