अच्छे परिवार से ताल्लुक रखते थे श्रीलंका के फिदायीन आतंकी

कोलंबोः श्रीलंका के कोलंबाे में ईस्टर के मौके पर हुए फिदायीन आतंकी हमले के ज्यादातर आतंकी अच्छे परिवार से संबंध रखते थे। इन हमलों में महिलाओं के शामिल होने के सबूत मिलने के बाद एक और खुलासा हुआ है कि इन्हें अंजाम देने वाले ज्यादातर फिदायीन अच्छे परिवारों से ताल्लुक रखते थे। श्रीलंका के रक्षा राज्य मंत्री रूवन विजयवर्धन ने बुधवार को बताया कि ईस्टर के मौके पर रविवार को श्रीलंका में फिदायीन विस्फोट करने वाले अधिकतर आतंकी अच्छे परिवारों से ताल्लुक रखते थे। उन्होंने बताया कि हमलावरों में से एक ने तो ब्रिटेन में पढ़ाई की थी।

ज्यादातर आतंकी उच्च मध्य वर्गीय परिवार से

श्रीलंका सरकार ने कैथॉलिक गिरजाघरों और लग्जरी होटलों में विस्फोटों के लिए नेशनल तौहीद जमात (एनटीजे) को जिम्मेवार ठहराया गया था लेकिन इस हमले के करीब 56 घंटों के बाद इसकी जिम्मेदारी आईएसआईएस ने ले ली। पुलिस प्रवक्ता रूवन गुनसेखरा ने बताया कि नौ में से आठ फिदायिन आतंकियों की पहचान की जा चुकी है। नौवें के बारे में पुष्टि हुई है कि वह एक फिदायीन हमलावर की पत्नी थी। हमलावरों के बारे में जानकारी साझा करते हुए गुनसेखरा ने कहा कि उनमें से ज्यादातर ने अच्छी शिक्षा ली थी और मध्य वर्गीय या उच्च मध्य वर्गीय परिवारों से थे।

दो हमलावारों की थी तांबे की फैक्ट्री

वहीं यहां की फाइव स्टार शांगरी-ला होटल में फिदायीन हमला करने वाले इंशाफ इब्राहिम (33) की तांबे की फैक्ट्री थी। धमाके के बाद जब पुलिस उसके घर पर छापा मारने पहुंची तो छोटे भाई इल्हाम (31) ने भी खुद को बम से उड़ा लिया। इसमें इल्हाम की पत्नी और 3 बच्चों की भी मौत हो गई। रूवन ने बताया कि 21 अप्रैल को श्रीलंका में हुए 8 धमाकों में 359 लोग मारे गए, जिनमें 11 भारतीयों समेत 39 विदेशी नागरिक थे।

सारे आतंकी आर्थिक ताैर से आत्मनिर्भर


उन्होंने बताया कि वे आर्थिक तौर पर काफी आत्मनिर्भर थे और उनके परिवार आर्थिक रूप से काफी स्थिर हैं। रूवान ने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि एक फिदायीन हमलावर ने ब्रिटेन में शिक्षा हासिल की थी और शायद बाद में ऑस्ट्रेलिया में मास्टर किया था। इसके बाद श्रीलंका वापस आ गया था।”

सभ्य लोगों की तरह दिखते थे

दोनों भाई कोलंबो के महावेला गार्डन्स इलाके के एक तीन मंजिला घर में रहते थे। उनके पड़ोस में रहने वाली फातिमा फजला के मुताबिक- वे सभ्य लोगों की तरह दिखते थे। हमें कभी अहसास भी नहीं हुआ कि वे आतंकी गतिविधियों में लगे हुए थे। महावेला गार्डन्स में अमीर लोग रहते हैं। इंशाफ और इल्हाम के पिता मोहम्मद इब्राहिम को पूछताछ के लिए पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मोहम्मद मसालों के कारोबारी हैं और व्यापार जगत में खासा प्रभाव रखते हैं। उनके छह बेटे और तीन बेटियां थीं।

मुस्लिमों को शक की नजर से देखा जा रहा है

फजला ने बताया कि मोहम्मद इब्राहिम गरीबों को खाना-कपड़े देने के लिए मशहूर थे। हमें विश्वास नहीं होता कि उनके बच्चे ऐसा भी कर सकते हैं। इंशाफ-इल्हाम ने जो किया, उससे सभी मुस्लिमों को शक की नजर से देखा जा रहा है। पड़ोस में रहने वाली संजीवा जयसिंघे के मुताबिक- घटना से हैरान हूं। मैं सोच भी नहीं सकती की वे ऐसे लोग थे।

गरीबों की मदद करते थे आतंकी

परिवार के एक करीबी का कहना है कि इल्हाम खुलेतौर पर कट्टरपंथी विचारों का समर्थन करता था। वह स्थानीय चरमपंथी गुट नेशनल तौहीद जमात (एनटीजे) की बैठकों में शामिल होता था। इल्हाम की तुलना में इंशाफ उदार विचारों का था। वह भी गरीब लोगों की मदद किया करता था। इंशाफ ने एक आभूषण निर्माता की बेटी से शादी की थी और उसे पैसे की कोई कमी नहीं की थी।


शेयर करें

मुख्य समाचार

जेयू मामले में प्रशासन पूरी तरह से फेल था – राज्यपाल

वीसी ने अपने कर्तव्य नहीं निभाये ‘जो भी किया संविधान के दायरे में किया’ जाने से पहले सीएम से कई बार हुई थी बात सन्मार्ग संवाददाता कोलकाता : जादवपुर आगे पढ़ें »

राजीव को पकड़ने के लिए बंगाल से यूपी तक छापे

राजीव कहां हैं सीबीआई ने पूछा पत्नी से टारगेट पूरा करने के लिए बनाया गया स्पेशल कंट्रोल रूम सीबीआई का अनुमान - जगह बदल-बदल कर रह रहे हैं आगे पढ़ें »

ऊपर