पीरियड में होने वाले हर समस्या का समाधान है किचन में मौजूद यह एक मसाला

नई दिल्ली : पीरियड आने से पहले चिडचिड़ापन, बॉडी में ऐठन या डिप्रेशन महसूस होता है और हर महीने इनसे बचने के लिए दवा लेती हैं और आप इसे नहीं लेना चाहती हैं तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। आपको कुछ घरेलू उपाय करने होंगे, किचन में मौजूद मसालों से आप इस समस्या का उपचार कर सकती हैं।

प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम एक आम समस्या है और ज्यादातर महिलाएं हर महीने ऐसी स्थिति से गुजरती हैं। पीरियड्स से ठीक पहले कुछ महिलाएं चिड़चिड़ी होने लगती हैं, कुछ का मिजाज बदल जाता है तो कुछ को ऐंठन महसूस होने लगती है। जिन महिलाओं को पीएमएस के लक्षण बहुत ज्याकदा महसूस होते हैं, उनके लिए यह समय मुश्किल होता है और रोजमर्रा के लाइफ पर इसका असर पड़ता है। यह सब हमारी बॉडी में हार्मोनल बदलाव के कारण होता है, लेकिन इसके लिए हर महीने दवाएं लेना ठीक नहीं है। महिलाओं को पीएमएस के लक्षणों और पीरियड्स के दर्द को कम करने के लिए नेचुरल चीजों की जरूरत होती है।

इस समस्या से बचने के लिए आप हल्दी का इश्तेमाल कर सकती हैं, यह औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है। इसमें एंटीसेप्टिक, एंटी-बैक्टींरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, इसका इश्तेमाल घरेलू उपचार के साथ-साथ ब्यूएटी उपचार के लिए भी किया जाता है। हल्दी में करक्यूमिन नाम का तत्वक पाया जाता है जो बॉडी को दर्द और परेशानी से निजात दिलाता है। डाइटीशियन का कहना है कि हल्दी काफी गर्म है और पीरियड्स के दौरान राहत देता है और हार्मोन को संतुलित करने में सहायक है। एंटीस्पास्मोडिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पीरियड्स के दौरान दर्द से राहत देते हैं। ब्लैड को पतला करता है और कभी-कभी हैवी पीरियड्स का कारण बन सकता है। पीरियड्स में ऐंठन और दर्द से परेशान हैं तो दिन में 1 बार गर्म दूध के साथ 1-चौथाई चम्मच हल्दी का सेवन करें।

एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण हल्दी दर्द और सूजन को शांत करने और आपको रिलैक्सा करने में मदद करता है, यह नेचुरल पेनकिलर के रूप में काम करता है और दर्द को कम करने में हेल्पब करता है। हल्दी और घी के साथ 1 गिलास गर्म दूध ले सकते हैं। पीरियड्स में अक्सर ब्लोटिंग और डाइजेशन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं, लेकिन हल्दी ठीक करती है। हल्दी बेचैनी कम करती है और डाइजेशन में भी हेल्पै करती है। हल्दी अनियमित पीरियड्स, ब्लीडिंग और बॉडी में एस्ट्रोजन लेवल को कंट्रोल करने में हेल्प करती है और साथ ही इस समस्या का इलाज भी करती है।

हल्दी में करक्यूमिन के साथ-साथ एंटीऑक्सीडेंट भी होते हैं जो मूड को सही रखता है। पीरियड्स के दौरान आपके शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलावों के कारण मिजाज बिगड़ सकता है, जिसे संभालना बहुत मुश्किल हो सकता है। आपकी तमाम मुश्किलें हल्दी ठीक कर सकती है।

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