इन कारणों से नवजात के लिए मां का दूध है जरूरी

नई दिल्ली : नवजात बच्चों के लिए मां का दूध अमृत होता है और यह शिशु को पोषण देता है, यह संपूर्ण विकास के लिए जरूरी होता है। नवजात बच्चों का इम्यूानिटी स्ट्रांग नहीं होता और मां के दूध से बच्चे को रोगों से लड़ने की शक्ति मिलती है। मां का दूध बच्चों को कई बीमारियों से बचाता है और मां के दूध में बैक्टीारिया मारने वाले तत्व होते हैं जो बीमारियोँ से सुरक्षित रखते हैं।

मां का दूध बच्चे के लिए जीवनरक्षक है, बल्कि शिशु को प्रेग्नेंचसी के बाद होने वाली तकलीफों से माताओं को बचाता है और ब्रेस्टाफीडिंग बच्चे के साथ-साथ मां की हेल्थप के लिए भी अच्छा है। जन्मे से 6 महीने तक हर मां को ब्रेस्टदफीडिंग करवाना चाहिए। अमेरिका में हुई एक रिसर्च से पता चलता है कि मां का दूध पीने से शिशु का दिमाग तेज होता है। अमेरिका की कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में हाल ही में हुई रिसर्च के मुताबिक मां का दूध बच्चों के ब्रेन विकास के लिए मददगार होता है। यह न केवल बच्चों के दिमाग का विकास करता है, बल्कि इसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट ओलिगो सैकाराइड एफएल संज्ञानात्मक (ज्ञान संबंधी) ग्रोथ में भी हेल्प करता है।

कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी की रिसर्च टीम ने 50 मांओं और उनके बच्चों पर रिसर्च किया और शोधकर्ताओं ने मां के दूध में मौजूद तत्वों और एक से 6 महीने के बच्चों को दूध पिलाने के ढंग पर विश्लेषण किया। बच्चों की उम्र 24 महीने होने के बाद बेले-3 स्केल की हेल्प से बच्चों के संज्ञानात्मक विकास को मापा गया।

ब्रेन विकास के लिए जरूरी
शोधकर्ता लार्स बोड के मुताबिक ‘मां के दूध के कई नमूनों में ओलिगोसैकाराइड 2 एफएल की मात्रा की पहचान की गई, यह तकनीक दूध में मौजूद तत्वों में अंतर करने की क्षमता देती है। एक रिपोर्ट के मुताबिक मां के दूध में पहले के एक महीने में मौजूद ओलिगोसैकाराइड 2 एफएल की मात्रा का संबंध दो साल के उम्र के बच्चों के संज्ञानात्मक विकास से था। जन्म के बाद शुरुआती महीने में मां के दूध का सेवन करने से बच्चों के दिमाग का विकास अच्छा होता है।

शुरुआती 2 साल में बेहतर दिमागी विकास, स्वास्थ के लिए मां का दूध ज्यादा जरूरी होता है।
मां के दूध के कई फायदे हैं, जो बाजार के दूध में नहीं मिल सकते। ब्रेस्ट फीडिंग से मां का तनाव खत्म हो जाता है। साथ ही खून की कमी से होने वाले रोग एनिमिया का खतरा भी कम होता है और प्रेग्नेंेसी में बढ़ा हुआ वजन भी तेजी से कम होता है।

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