गर्मियों में तरबूज खाने के हैं कई फायदें और नुकसान, पढ़ें

नई दिल्ली : गर्मियों में तरबूज खाने के अनगिनत फायदे हैं। तरबूज में 90 प्रतिशत से ज्यादा पानी होता है। तरबूज मीठा, स्वादहीन और कड़वा भी होता है। माना जाता है कि इसकी उत्पत्ति दक्षिण अफ्रीका के कालाहारी मरुस्थल के आसपास है और तरबूज की पहली फसल मिस्र में लगभग 5 हजार साल पहले उगाई गई थी। तरबूज की खेती चीन में 10वी शताब्दी में शुरू हुई, आज चीन तरबूज का सबसे बड़ा उत्पादक है। वहीं भारत में भी इसकी खेती बड़े स्तर पर होती है।

ये हैं फायदे
तरबूज में फाइबर, पोटैशियम, आयरन और विटामिन-ए, सी व बी होता है, लेकिन इसमें मौजूद लाइकोपीन काफी फायदेमंद होता है। यह तत्व एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करता है और इसके कारण ही तरबूज लाल रंग का होता है।

1. हृदय स्वास्थ्य
शोध के मुताबिक रोजाना तरबूज खाने या इसका जूस पीने से खराब कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम होता है। तरबूज में मौजूद साइट्रलाइन हृदय रोग के खतरे को कम करता है।

2. पाचन स्वास्थ्य
पाचन क्रिया के लिए यह काफी अच्छा है, इसमें पानी की अधिकता होती है और पानी भोजन पचाने में सबसे अहम तत्व है। इसमें फाइबर भी पाया जाता है, जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने के साथ-साथ कब्ज, डायरिया व गैस जैसी समस्याओं में राहत देता है। पेट को भी यह स्वस्थ रखता है।

3. वजन घटाने के लिए
तरबूज में कैलोरी की मात्रा कम होती है और फाइबर अधिक पाया जाता है। वहीं पानी की मात्रा भी अधिक होती है, जो शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने और वजन कम करने में मदद कर सकता है। तरबूज के एक बड़े टुकड़े में लगभग 86 कैलोरी, 1 ग्राम से कम वसा व 22 ग्राम कार्ब्स होता है। इसमें कोलेस्ट्रॉल नहीं होता है और यह दैनिक फाइबर की आवश्यकता का 5 प्रतिशत प्रदान करता है, जिससे फैट को जलाने और वजन घटाने में सहयोग मिलती है।

4. रखता है हाइड्रेट
गर्मियों में यह शरीर हाइड्रेट रखता है, इसके सेवन से शरीर में जल की कमी नही होती। कब्ज, कमजोरी, सिर चकराना, सिर दर्द, मुंह सुखना, पेट फूलना व लो बीपी जैसी समस्या डिहाइड्रेशन के कारण होती है। खासकर, गर्मियों के दौरान निर्जलीकरण की समस्या ज्यादा होती, इसलिए डॉक्टर भी तरबूज का जूस पीने की सलाह देते हैं। यह शरीर को रिहाइड्रेट करता है और पेट को ठंडा रखता है।

5. कैंसर
कुछ शोध के मुताबिक तरबूज कैंसर जैसी बीमारी से भी बचाता है। इसमें लाइकोपीन नाम का तत्व पाया जाता है, जो कैंसर से बचाव कर सकता है। लाइकोपीन की वजह से तरबूज को लाल रंग प्राप्त होता है। यह एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है, इसलिए यह शरीर में कैंसर को पनपने से रोक सकता है।
लाइकोपीन में कीमो प्रिवेंटिव गुण होते हैं, जो खासकर प्रोस्टेट कैंसर के जोखिम को कम करते हैं। लाइकोपीन एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण कीमोथेरेपी के दुष्प्रभावों को कम करता है या रोकता है।

6. मांसपेशियों में दर्द
यह इलेक्ट्रोलाइट्स और अमीनो एसिड साइट्रलाइन से समृद्ध होता है, कसरत के बाद गले की मांसपेशियों में होने वाले दर्द को कम करता है। एक अध्ययन के मुताबिक तरबूज में मौजूद साइट्रलाइन मांसपेशियों के दर्द को कम करने में मदद करता है।

7. रोग प्रतिरोधक क्षमता
विटामिन-सी से भरपूर होने के कारण तरबूज रोग प्रतिरोधी होता है, इसमें मौजूद फाइबर आंतों को स्वस्थ रखता है। इसमें मौजूद विटामिन-बी6 प्रतिरक्षा प्रणाली को एंटीबॉडी का उत्पादन करने में मदद करता है। विटामिन-ए प्रतिरक्षा प्रणाली को नियंत्रित करता है और संक्रमण से बचाता है। यह इम्यूनिटी भी बढ़ाता है।

8. दमा के लिए
इसमें मौजूद लाइकोपीन एक प्रभावी एंटीऑक्सीडेंट है, जो अस्थमा के मरीजों के लिए अच्छा है। अस्थमा से पीड़ित 17 वयस्कों पर किए गए एक अध्ययन के मुताबिक लाइकोपीन का चिकित्सीय प्रभाव देखा गया है। लाइकोपीन और विटामिन-ए का पर्याप्त सेवन दमा के रोगियों के लिए फायदेमंद हो सकता है।

9. किडनी स्वास्थ्य
मेरिका की नेशनल किडनी फाउंडेशन की एक रिपोर्ट के मुताबिक तरबूज किडनी रोग से पीड़ित मरीजो के लिए फायदेमंद है।
10. रक्तचाप नियंत्रण
तरबूज में मौजूद साइट्रलाइन नामक एमिनो एसिड रक्तचाप को कंट्रोल रखता है। फ्लोरिडा स्टेट यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन के अनुसार, साइट्रलाइन ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में सहायक हो सकता है। यह पोटैशियम का भी अच्छा स्रोत है, जो उच्च रक्तचाप को कम करता है। शोध में पाया गया है कि तरबूज सिस्टोलिक और डायस्टोलिक रक्त्चाप को कम कर सकता है।

11. आंखों के लिए
तरबूज विटामिन-ए का अच्छा स्रोत है, जो आंख के रेटिना में पिगमेंट का उत्पादन करने में मदद करता है। विटामिन-ए को रेटिनॉल भी कहा जाता है, जो नजर के धुंधलेपन को दूर करता है। फेडरल गवर्नमेंट नेशनल आई इंस्टिट्यूट द्वारा प्रायोजित ‘द एज-रिलेटेड आई डिसीज स्टडी’ में पाया गया कि विटामिन-सी और ई, जिंक व कॉपर के साथ मिलकर आँखों की बीमारी के जोखिम को लगभग 25 प्रतिशत तक कम कर सकते हैं।

12. मधुमेह
एक रिपोर्ट के अनुसार तरबूज में एंटीऑक्सीडेंट के साथ-साथ एंटीडायबीटिक गुण भी होते हैं। तरबूज कोलेस्ट्रॉल से मुक्त होता है, इसलिए यह टाइप-2 डायबिटीज को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है।

13. हीट स्ट्रोक
हीट स्ट्रोक में गर्मी के कारण शरीर का तापमान बढ़ जाता है। यह तेज गर्मी में अधिक समय रहने से हो सकता है और घातक हो सकता है। पानी की मात्रा अधिक होती है, इसलिए यह शरीर को निर्जलीकरण से बचाने का काम करता है। यह हाइपरथर्मिया जैसी स्थिति से भी बचा सकता है। चीनी चिकित्सा में कहा गया है कि यह गर्मी में प्यास बुझाने और थकावट को दूर करने का काम करता है।

14. हड्डी स्वास्थ्य
तरबूज विटामिन-सी से भरपूर होता है, जो हड्डियों के लिए फायदेमंद माना जाता है। एक अध्ययन के मुताबिक तरबूज में मौजूद लाइकोपीन ऑस्टियोपोरोसिस और हड्डी के फ्रैक्चर होने की आशंका को रोक सकता है और साथ ही इसमें मौजूद विटामिन-ए हड्डी के विकास को बढ़ावा देने का काम करता है।

15. मसूड़ों के लिए
तरबूज विटामिन-सी से समृद्ध होता है और विटामिन-सी दांतों और मसूड़ों के लिए फायदेमंद है। इसके अलावा तरबूज में पानी की अधिकता होती है, इसलिए यह दांतों से प्लेक, बैक्टीरिया को हटाने का काम कर सकता है।

16. कोशिकाओं की क्षति
लाइकोपीन से भरपूर होने के कारण हृदय रोग से जुड़ी कोशिकाओं की क्षति को रोकने का काम कर सकता है। तरबूज विटामिन-बी12 से भी समृद्ध होता है, जो लाल रक्त कोशिकाओं के विकास में मदद करता है।

7. गर्भावस्था के दौरान
तरबूज फोलिक एसिड, कैल्शियम, विटामिन-ए व बी12 और आयरन जैसे पोषक तत्वों भरपूर होता है, जिनकी आवश्यकता गर्भावस्था के दौरान ज्यादा होती है। तरबूज में मौजूद लाइकोपीन गर्भावस्था के दौरान इंट्रा यूटराइन ग्रोथ रेस्ट्रिक्शन को कम कर सकता है। इंट्रा यूटराइन ग्रोथ रेस्ट्रिक्शन ऐसी स्थिति है, जिसमें गर्भावस्था के दौरान बच्चा सामान्य वजन तक नहीं बढ़ पाता है। गर्भावस्था के दौरान सीने में जलन और मॉर्निंग सिकनेस को भी कम करने में यह मदद करता है।

18. जलन-सूजन की स्थिति में
तरबूज में मौजूद लाइकोपीन एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों से समृद्ध होता है, जो जलन और सूजन जैसी स्थिति में फायदा पहुंचा सकता है। तरबूज में कोलाइन नामक तत्व भी पाया जाता है, जो एंटीनोसाइसेप्टिव और एंटीइंफ्लेमेटरी से समृद्ध होता है, जो शरीर में दर्द, सूजन व जलन की स्थिति में फायदा पहुंचाते हैं।

19. शरीर में ऊर्जा के लिए
यह विटामिन-बी का अच्छा स्रोत है, जो शरीर में ऊर्जा के प्रवाह को बढ़ाता है। तरबूज जरूरी विटामिन, जैसे बी6 और बी12 से समृद्ध होता है, जो ऊर्जा के अच्छे स्रोत माने जाते हैं। पानी की मात्रा ज्यादा होने के कारण यह थकावट और पानी की कमी पूरी कर खोई हुई ऊर्जा की पूर्ति करता है।

20. त्वचा के लिए
पानी की अधिकता होती है, जिससे यह त्वचा के सूखेपन को दूर कर स्कीन को हाइड्रेट और मॉइश्चराइज करने का काम करता है।तरबूज विटामिन-ए से भी समृद्ध होता है, जो त्वचा के बड़े रोम छिद्रों को कम कर सकता है। चेहरे के लिए आप तरबूज का फेसपैक बना सकते हैं।

24. एनीमिया के लिए
एनीमिया होने पर शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं को कमी हो जाती है। तरबूज आयरन जैसे पोषक तत्वों से समृद्ध होता है, इसलिए यह लाल रक्त कोशिकाओं को बढ़ावा देने का काम कर सकता है। इसके अलावा, तरबूज में विटामिन-बी12 भी होता है, जो लाल रक्त कोशिकाओं के विकास में मदद करता है।

25. तनावकम करता है
तरबूज विटामिन-सी भरपूर होता है, यह एंटीस्ट्रेस के रूप में जाना जाता है। विटामिन-सी एक प्रसिद्ध एंटीऑक्सीडेंट है, जो चिंता, तनाव, अवसाद व थकान को दूर करने और मनोदशा को ठीक करने का काम करता है। अध्ययनों से पता चला है कि विटामिन-सी ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस व न्यूरो साइकोलॉजिकल विकारों को दूर कर सकता है

नुकसान
पेट संबंधी परेशानियां
इसमें मौजूद लाइकोपीन फायदेमंद है लेकिन यह अधिक मात्रा में खाने से मतली, उल्टी, अपच और दस्त लग सकते हैं।

हाइपरकलेमिया
ज्यादा सेवन से हाइपरकलेमिया हो सकता है, जिसमें पोटैशियम का स्तर सामान्य से अधिक हो जाता है। इससे अनियमित दिल की धड़कन और कमजोर नाड़ी की समस्या हो सकती है।

एलर्जी
कुछ लोगों को इससे एलर्जी भी हो सकती है। इसमें हल्के से लेकर गंभीर चकत्ते और चेहरे पर सूजन शामिल हो सकते हैं।

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