इन खास तरह के कैंसर से है महिलाओं को भारी खतरा

नई दिल्ली : दुनिया की सबसे खतरनाक बीमारियों में से एक है कैंसर, यह बीमारी पुरुष या महिला किसी को भी हो सकती है। आजकल तो छोटे बच्चेे भी इस बीमारी की चपेट में आ रहे है। हालांकि कुछ खास तरह के कैंसर महिलाओं को ही होते हैं।  डॉक्टर्स का कहना है कि ‘जहां एक ओर कुछ महिलाएं अनुवांशिक कारणों से कुछ विशेष प्रकार के कैंसर की चपेट में आ रही हैं, तो वहीं दूसरी ओर कुछ बदलती जीवनशैली, खान पान और वातावरण के कारण कैंसर की चपेट में आ रही हैं।

ब्रेस्ट कैंसर
महिलाओं में सबसे ज्यादा ब्रेस्ट कैंसर के मामले देखे गए हैं। लगभग 26 प्रतिशत महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामले देखे गए हैं। हर आठ में से एक महिला को ब्रेस्टे कैंसर होने की आशंका होती है। 50 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं में इसका खतरा अधिक है। समय पर इस बीमारी के बारे में जानकारी से जान बच सकती है, नियमित रूप से मैमोग्राफी और खुद का परीक्षण करके समय पर इस बीमारी का पता लगाया जा सकता है।

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ओवेरियन कैंसर
ओवरियन कैंसर या यूटरस कैंसर में अंडाशय के कैंसर कोशिकाओं में पाए जाते हैं, इसमें गर्भाशय और ट्यूब्स डैमेज होने लगते हैं। सलाना करीब 22 हजार महिलायें इस कैंसर का इलाज करवाती हैं, जिनमें से करीब 14 हजार की मौत हो जाती है। हॉर्मोन थेरेपी लेने वाली महिलाओं में इस कैंसर के अधिक मामले देखे गए हैं। लंबे समय तक गर्भनिरोधक गोलियों के सेवन से भी यह बीमारी हो सकती है महिलाओं को समय-समय पर चेकअप करवाते रहना चाहिए, प्रारंभिक अवस्था में इस बीमारी के बारे में पता चलने पर इलाज संभव है।

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यूटेराइन कैंसर

महिलाओं में तीसरा सबसे ज्यादा होने वाला कैंसर है यूटेराइन कैंस। कैंसर पीडि़त महिलाओं में लगभग 6 प्रतिशत इस कैंसर से पीडि़त होती हैं। एस्ट्रो जन प्रत्याररोपण और इनफर्लिटी की शिकार महिलाओं में यह कैंसर अधिक होता है। 35 वर्ष की आयु के बाद रेगुलर चेकअप करवाना चाहिये।

सर्वाइकल कैंसर
इसे बच्चेदानी के मुंह का कैंसर भी कहते हैं और इसका कारण है असुरक्षित यौन संबंध बनाना है। यौन संबंधों में लापरवाही बरतने से सवाईकल कैंसर जैसी बीमारी भी हो सकती है। सर्वाइकल कैंसर की वजह एचपीवी है और रेगुलर चेकअप से इस कैंसर का समय रहते इलाज किया जा सकता है। सरकार ने 15 साल से कम उम्र की बच्चियां एचपीवी वैक्सीन ले सकती है।

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कोलोन कैंसर
कैंसर से पीडि़त लगभग 10 प्रतिशत महिलाओं में कोलोन कैंसर होता है। कोलोन कैंसर से पीड़ित करीब 90 प्रतिशत महिलाओं की उम्र 50 वर्ष से अधिक होती है। बढ़ता वजन, फिजिकल एक्टिविटी की कमी और पारिवारिक इतिहास के अलावा शराब व सिगरेट पीना, रेडीमेड फूड, फास्ट फूड अधिक मात्रा में लेने और ताजा फलों व सब्जियों का कम सेवन करने से इस बीमारी की आशंका बढ़ जाती है। महिलाओं को इस बीमारी को लेकर जागरूक रहना चाहिए और चेकअप करवाते रहना चाहिए।

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