आपको भी है भूलने की बीमारी, तो यह खबर आपके लिए है

नई दिल्ली : अक्सर लोगों को भूलने की बीमारी होती है, जिसे मेडिकल की भाषा में अम्नेसिया कहा जाता है। भूलने की बीमारी का कारण सर में किसी प्रकार की क्षति होना या किसी बीमारी का होना होता है, इसमें याददास्त कमजोर हो जाती है। कई लोगों में अवसाद और कृत्रिम नींद की दवाओं के खाने से भी भूलने की बीमारी हो सकती है, इसमें स्मृति यानी दिमाग आंशिक रुप से प्रभावित रहता है।

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क्या होते हैं कारण
कोई भी सधारण बीमारी या चोट मेमोरी लॉस का कारण बन सकती है और मेमोरी फंक्शन दिमाग के लगभग सभी फंक्शन को एक साथ जोड़ के संचालित करता है। दिमाग की संरचनाओं को सुरक्षा देने वाली लिम्बिक सिस्टम, हिप्पोकैम्पस और थैलेमस पर असर होने के कारण भी भूलने की बीमारी हो सकती है, क्योंकि ये तीनों हमारे दिमाग के लिम्बिक सिस्टम से जुड़े होते है और लिम्बिक सिस्टम हमारी भावनाओं और यादों को नियंत्रित करते हैं। भूलने की बीमारी के मुख्यत दो कारण होते हैं।

1. मेडिकल कारण
किसी तरह का आघात का होना।
दिमाग में बैक्टीरियल या वायरल संक्रमण से।
ब्रेन ट्यूमर।
कुछ अनचाही दवाएँ जैसे नींद की दवा डोज से अधिक लेने पर।
(ईसीटी) इलेक्ट्रोकोनवल्सी थेरेपी या इलेक्ट्रोशॉक थेरेपी लेने से अस्थायी रुप से मेमोरी लॉस हो सकता है।
एन्सेफलाइटिस या दिमाग में सूजन से।

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2. मनोवैज्ञानिक कारण
इसे आप प्राकृतिक आपदा भी बोल सकते हैं।
लम्बें समय से हिंसक कार्यों में लगे रहना से।
यौन या अन्य कामों के दुष्परिणाम से।
किसी के बहकावे में आने से।
कोई भी ऐसी स्थिति जो आपको उलझा दे उससे यह समस्या हो सकती है या ऐसी कोई भी अप्रिय असहनीय घटना जो गंभीर मनोवैज्ञानिक तनाव का कारण बन सकती है, उससे भूलने की बीमारी हो सकती है।

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