नीतीश कुमार ने जल-जीवन-हरियाली अभियान को लेकर की समीक्षा बैठक, दिये कई निर्देश

Nitish Kumar

पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत विभिन्न अवयवों के कार्यों की प्रगति के लिए लगातार काम करने की जरूरत पर बल दिया है।
नीतीश कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को यहां एक अणे मार्ग स्थित संकल्प में जल-जीवन-हरियाली अभियान की प्रगति की समीक्षात्मक बैठक हुई। इस दौरान ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने मुख्यमंत्री को अभियान के विभिन्न अवयवों की प्रगति से संबंधित जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत विभिन्न अवयवों के कार्यों की प्रगति के लिए लगातार काम करते रहें, साथ ही जागरूकता अभियान पर भी विशेष ध्यान दें। माह में एक दिन, एक घंटा सभी सरकारी स्कूलों, कार्यालयों, संगठनों एवं अन्य संस्थाओं में भी पर्यावरण संबंधित संवाद कराएं, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग जागरूक हो सकें। नीतीश ने अधिकारियों से कहा, ‘गंगाजल उद्वह योजना को पूर्ण करने के लिए तेजी से कार्य करें, जिसमें जमीन अधिग्रहण के कार्य को प्राथमिकता में रखें। अतिक्रमणमुक्त कराए गए सार्वजनिक जल संचयन संरचनाओं पर निगरानी रखें ताकि उसे फिर से कोई अतिक्रमित न कर सके। सार्वजनिक जल संचयन संरचनाओं पर बसे भूमिहीन एवं वासविहीन व्यक्तियों की पहचान कर वास के लिए भूमि की व्यवस्था करें।’

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि भूमि उपलब्ध हो तो वासविहीन व्यक्तियों को भूमि उपलब्ध कराएं या वास स्थल क्रय योजना के तहत उन्हें जमीन खरीदने के लिए राशि प्रदान करें। सार्वजनिक तालाबों के जीर्णोद्धार कार्य के अलावा निजी तौर पर तालाबों की खुदाई एवं उसके आसपास हरियाली क्षेत्र विकसित करने के लिए भी लोगों को प्रेरित करने की जरूरत है। इससे फूल, फल का उत्पादन एवं मछली का भी उत्पादन बढ़ेगा, जिससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी।
नीतीश ने कहा कि चौर क्षेत्र विकास के लिए किए जा रहे बेहतर कार्य के मॉडल को किसानों को भ्रमण दर्शन की योजना के तहत दिखाया जाये, इससे समेकित क्षेत्र विकास एवं बॉयोफ्लॉक पद्धति से मत्स्य पालन का लाभ लोग जान सकेंगे। चौर क्षेत्र में निजी तौर पर तालाबों की खुदाई के लिए लोगों को प्रेरित करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कुओं का जीर्णोद्धार का कार्य शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से कराने की जरूरत है। जिन क्षेत्रों में भूजल स्तर नीचे गया था,उन क्षेत्रों का भी चापाकल ठीक रखें ताकि पेयजल की उपलब्धता बनी रहे इसके लिए एक सिस्टम डेवलप करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों के निचले भागों में तालाब खुदाई के लिए जगहों का निरीक्षण कर इस कार्य को बढ़ावा देने की जरूरत है। छत वर्षा जल संचयन संरचना के निर्माण में निजी भवनों के लिए भी अधिक से अधिक लोगों को प्रेरित करें। सघन वृक्षारोपण कार्य के लिए पौधों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए कार्य करने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बिजली के क्षेत्र में काफी सुधार हुआ है और अब बिजली की बचत के लिए लोगों को प्रेरित करने की आवश्यकता है। सरकारी कार्यालयों में भी अतिरिक्त बिजली की खपत को रोकने के लिए भी कार्य करें। उन्होंने इको टूरिज्म की चर्चा करते हुए कहा कि रोहतास जिले के करकटगढ़ एवं नवादा जिले के ककोलत को ईको टूरिज्म के बेहतर स्थल के रुप में विकसित करने के लिए तेजी से कार्य किये जायें। बैठक में मुख्य सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त अरुण कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव (शिक्षा) आर.के. महाजन, अपर मुख्य सचिव (भूमि एवं राजस्व सुधार) विवेक कुमार सिंह, पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव अमृत लाल मीणा, प्रधान सचिव (स्वास्थ्य) संजय कुमार, प्रधान सचिव (आपदा) प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह के अलावा विभिन्न विभागों के सचिव समेत अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

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