सतपाल की मौत से निःशब्द हुआ दार्जिलिंग, आंसुओं के सैलाब में डूबा परिवार

तकदह टी एस्टेट क्षेत्र के साथ साथ पूरे इलाके में शोक में डूबे लोग
पत्नी और बेटी की हालत बिगड़ी, बेटे विकाल राई के शुक्रवार को यहां पहुंचने की संभावना
एक माह की छुट्टी बिता कर 22 नवंबर को ही सतपाल राई ड्यूटी ज्वॉइन करने दिल्ली रवाना हुए थे, जल्द आने का किया था वायदा
सुबह 8.30 बजे मेरी अंतिम बार सतपाल से बातें हुयी थी, दोपहर जब चाचा से खबर सुन उन्हें काॅल की तो उनका फोन निरुत्तर रहा, हमें एहसास हो गया कि वे हमें छोड़ गयेः मंदिरा राई, पत्नी
दार्जिलिंगः हेलिकाप्टर हादसे में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) बिपिन रावत के व्यक्तिगत सिक्योरिटी अफसर हवलदार सतपाल राई की मौत की खबर मात्र से ही पूरा दार्जिलिंग निःशब्द हो गया। बुधवार सुबह तक दार्जिलिंग के तकदह टी एस्टेट स्थित घर में हंसता खेलता सतपाल का परिवार दोपहर बाद से ही आंसुओं के सैलाब में डूब गया। पिता के नक्‍शे कदम पर चलते हुए सतपाल राई का 22 वर्षीया बेटा विकाल राई भी सेना में भर्ती हो गया था। वह पिता के रेजिमेंट में ही कार्यरत हैं। पिता की आकस्मिक मौत की खबर मिलते ही उसने घर लाैटने के लिए अपने रे‌जिमेंट में छुट्टी का आवेदन कर दिया लेकिन गुरुवार देर शाम तक उसे मंजूरी नहीं मिली थी। शुक्रवार को उसके आने की संभावना है। इस बीच पूरा तकदह टी एस्टेट शोक में डूूब गया।

यहां तकदह स्थित घर में सतपाल की मां और बेटी के साथ रह रही उनकी पत्नी मंदिरा राई की हालत गंभीर बनी हुयी है। अपने एक चाचा से पति की मौत की खबर सुनते ही वह बदहवास सी टीवी खोलने दौड़ी थी और वहां समाचार चैनलों पर जो खबरें चल रही थी उसमें पति का नाम सुनते ही उसका पूरा शरीर सुन्न हो गया था। बड़ी मु‌श्किल से उसे लोगों ने ढांढस बंधाते हुए बेटी और परिवार के लिए संयमित रहने की अपील की।
रुंधे गले से मंदिरा राई ने बताया कि मेरा बेटा भी पिता की राह पर चलते हुए घर में बिना किसी को बताये भर्ती हो गया था। उसकी मेडिकल जांच के वक्त हमें उसके सेना में जाने का पता चला। उन्होंने बुधवार सुबह साढ़े 8.30 बजे ही सतपाल से मेरी बात हुयी थी। उस वक्त वह दिल्ली से वेलिंगटन जाने के लिए निकला था। उसके बाद मेरी उससे कोई बात नहीं हुयी। मेरे एक अंकल ने जब हेलिकाप्टर हादसे की जानकारी दी तो मैं तुरंत टीवी खोलकर देखी। हर चैनल पर यह खबर चल रही थी। इसके बाद भी मुुझे उनकी मौत पर भरोसा नहीं हो पा रहा था और मैंने उन्हें मोबाइल पर कॉल किया लेकिन जब कॉल निरुत्तर रहा तब हमें उनकी मौत का एहसास हुआ। रोती हुई मंदिरा ने बताया कि उन्होंने कई बार रिटायरमेंट लेने की कोशिश की लेकिन सीडीएस साहब उन्हें अपनी सुरक्षा से नहीं हटाना चाहते थे। उनके राजी नहीं होने के कारण सतपाल ड्यूटी पर लगा रहा था। उन्होंने बताया कि पिछले माह 22 नवंबर को ही वे एक माह की छुट्टी परिवार के साथ बिताकर वापस ड्यूटी पर दिल्ली गये थे। उन्होंने जल्द आने का वायदा किया था। पर इस तरह लौटेंगे मैंने नहीं सोचा था।
इधर बेटे विकाल राई ने बताया कि पिछले 10 सालों से वे लेफ्टिनेंट जनरल, जनरल और अब सीडीएस विपिन रावत साहब के साथ ड्यूटी पर थे और उन्हीं के साथ शहीद हो गये। उन्होंने बताया कि हमारी मानसिक हालत अभी किसी तरह की बातचीत की नहीं है। दार्जिलिंग पहुंचने के बाद ही मैं कुछ बात करने की स्थिति में रहूंगा।

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